16 दिनों में 26.56 लाख को खिलानी थी दवा, 20 दिन में 87 फीसदी को ही दी गई
Dhanbad : धनबाद जिला स्वास्थ्य विभाग ने शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के 23 लाख 10 हजार 720 लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलाने का दावा किया है. लेकिन हकीकत यह है कि अभी भी मुहल्ला का मुहल्ला बाकी है. 10 से 25 फरवरी तक 26 लाख 56 हजार लोगों का दवा खिलाने का लक्ष्य था. समय बीत जाने के बावजूद 75 फीसदी लोगों को भी दवा नहीं खिलाई जा सकी, तो चार दिनों की अवधि और बढ़ा दी गई. इसके बावजूद सरकारी आंकड़ों पर गौर करें, तो विभाग की ओर से 87 फीसदी ही बच्चों, युवाओं व बुजुर्गों को दवा खिलायी गई है. जानकारी के अनुसार, हीरापुर, चीरागोड़ा, भिस्तीपाड़ा, तेलीपाड़ा, विनोदनगर समेत नगर निगम क्षेत्र के दर्जनों ऐसे इलाके हैं, जहां सैकड़ों लोगों का कहना है कि उनके घरों में स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं आई और न ही उन्होंने किसी व्यक्ति को दवा खिलाते देखा है. पल्स पोलियो या फिर फाइलेरिया उन्मूलन अभियान, दोनों में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहले बूथों, स्कूलों, घरों में जाकर दवा देती थी, लेकिन इधर कुछ वर्षों से विभाग की ओर से लापरवाही बरती जा रही है.सीएस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किया था वादा
8 फरवरी को सिविल सर्जन ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा था कि धनबाद में हर सात व्यक्ति में एक फाइलेरिया से ग्रस्त है. 10 फरवरी से लेकर 25 फरवरी तक पूरे जिले में फाइलेरिया के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभियान चलाया जाएगा. 26 लाख 56 हजार लोगों को दवा खिलायी जाएगी. डीईसी व अल्बेंडाजोल की दवा जिले के 191 स्वास्थ्य केंद्र, 2200 आंगनबाड़ी केंद्र, 2 रेलवे स्टेशन व तीन दर्जन स्कूलों में दी जाएगी. लेकिन सिविल सर्जन अपना वादा पूरा नहीं कर सके. यह भी पढ़ें : बोकारो">https://lagatar.in/bokaro-fire-broke-out-in-a-moving-truck-in-pupanki-created-chaos/">बोकारो: पुपनकी में चलते ट्रक में लगी आग, मची अफरातफरी [wpse_comments_template]
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