Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) कोल इंडिया ने कोयला मंत्रालय से कोयला मजदूरों के 11 वें वेतन समझौता संपन्न करने के लिए अनुमति देकर ` सक्षम ` बनाने का अनुरोध किया है. इस बारे में कोल इंडिया के निदेशक कार्मिक विनय रंजन ने कोयला मंत्रालय के संयुक्त सचिव भबानी प्रसाद पति को 31 जनवरी को पत्र लिखा है. जानकारी हो कि 3 जनवरी को 19 प्रतिशत एमजीबी पर सहमति होने के बाद डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक इंटरप्राइजेज ( डीपीई ) से स्वीकृति के लिए 9 जनवरी को कोयला मंत्रालय को कोल इंडिया ने पत्र लिखा था. पर अभी तक उस बारे में कोई संदेश नहीं आया. इधर कोयला कामगारों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
क्या है पत्र में
पत्र में श्री रंजन ने लिखा है कि अधिकारियों का चयन मैनेजमेंट ट्रेनी (एमटी) के रूप में ई 2 में होता है, जिनका पे स्केल 1 जनवरी 2017 के अनुसार 5000 - 160000 है जो 2026 तक रहेगा. एक वर्ष एमटी ई 3 में पदस्थापित होते हैं तब उनका पे स्केल 60000 - 180000 होता है. कर्मचारियों का वेतन समझौता 1 जुलाई 2021 से लागू होगा. 19 प्रतिशत एमजीबी के बाद कर्मियों के ग्रेड ए वन का वेतन 71030 हो जाएगा,जो ई 3 के वेतन 60000 हजार से अधिक है, जबकि डीपीई का 24 नवंबर 2017 को जारी दिशा - निर्देश के मुताबिक कर्मियों का वेतन अधिकारियों से अधिक नहीं होना चाहिए. कोयला उद्योग में अनुकूल औद्योगिक सबंध बनाए रखने के लिए कर्मचारियों के वेतन समझौते को अंतिम रूप देने एवं लागू करने की स्वीकृति प्रदान करें. 4 नेताओं के साथ 6 को बैठक
अधिकृत सूत्रों के मुताबिक कोल इंडिया प्रबंधन 4 यूनियन के 4 नेताओं के साथ 6 मार्च को बैठक करेगा. इस बारे में बीएमएस के केएल रेड्डी,एचएमएस के नाथूलाल पांडेय,एटक के रमेंद्र कुमार एवं सीटू के डीडी रामनन्दन को सूचित कर दिया गया है. बताते हैं कि बैठक उत्पादन, उत्पादकता पर चर्चा के लिए बुलायी गयी है. [wpse_comments_template]
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