Dhanbad : कोयलांचल में भीषण गर्मी का दौर शुरू होते ही जलसंकट गहराने लगा है. वहीं दूसरी ओर बीसीसीएल, ईसीएल, टाटा स्टील, हर्ल, एमपीएल व एसीसी जैसी कंपनियों का कहना है कि सब ठीक चल रहा है. अपने स्टाफ के साथ-साथ आसपास की आबादी को भी पानी मुहैया कराया जा रहा है. कंपनियों ने अपने सीएसआर फंड से भी आम लोगों को पानी सप्लाई करने का दावा किया. जो धनबाद कोयलांचल के समझ से परे है. दरअसल, डीसी संदीप सिंह ने 19 अप्रैल को पेयजल संकट से निपटने के लिय समाहरणालय में विभिन्न कंपनियों की बैठक बुलाई थी, जिसमें कंपनियों के प्रतिनिधियों से सचाई से परे लोगों को पर्याप्त पानी मुहैया कराने का दावा कर दिया. इस पर डीसी ने गर्मी में आपसी मेलजोल के साथ जलसंकट दूर करने की बात कही. उन्होंने सभी कंपनियों से पिछले 5 वर्षों की सीएसआर एक्टिविटी रिपोर्ट उपलब्ध कराने और वित्तीय वर्ष 2023-24 का सीएसआर एक्शन प्लान तैयार करने को कहा. डीसी ने कंपनियों से ज्यादा संकट वाले इलाकों में टैंकर की संख्या बढ़ाकर लोगों को पानी देना सुनिश्चित करने को कहा. कितने टैंकर से किन इलाकों में पानी पहुंचाया जा रहा है, इसकी विस्तृत सूची जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.
: बीबीएमकेयू के कुलपति ने शिक्षकों से मांगा आर्थिक सहयोग [wpse_comments_template]
जलापूर्ति पर कंपनियों के अलग-अलग दावे
बीसीसीएल ने कहा कि गर्मी में अपने आसपास के क्षेत्रों में 49 ट्रक माउंटेड टैंकर से पानी की सप्लाई की जाती है.।इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में लगे 208 हैंडपंप से लोगों को पानी मिलता है. एमपीएल ने कहा कि 21 गांवों में तीन टैंकर से जलापूर्ति कराते हैं. इसके अलावा कंपनी के 17 सोलर वॉटर टैंक कार्यरत हैं. चार आरओ प्लांट भी लगाए गए हैं. टाटा स्टील के प्रतिनिधि ने कहा कि कंपनी आसपास के 42 गांवों में फिल्टर वाटर सप्लाई कराती है. 14 गांवों में पूरे साल टैंकर से पानी की सप्लाई होती है. नियमित रूप से चापानल की मेंटेनेंस भी कराई जाती है. वहीं भूगर्भ जलस्तर बढ़ाने के लिए छह स्थानों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया गया है. एसीसी के प्रतिनिधि ने कहा कि पिछले आठ साल में 152 हैंडपंप लगाए हैं. पूरे साल उनकी मरम्मत और रखरखाव करते हैं. सभी हैंडपंप चालू स्थिति में हैं. ईसीएल ने कहा कि माइंस के पास फिल्टर प्लांट लगाए गए हैं. वहीं से आसपास के गांवों में पानी की सप्लाई होती है. रामकनाली पंचायत में दो डीप बोरिंग कराने की योजना है. हर्ल की ओर से बताया गया कि वर्ष 2019 से एफसीआई की पाइपलाइन से लोगों को पानी की सप्लाई की जा रही है. लगभग दो लाख की आबादी को पानी मिलता है.बैठक में ये थे शामिल
बैठक में उप विकास आयुक्त शशि प्रकाश सिंह, जिला योजना पदाधिकारी महेश भगत, पीएचईडी एक के कार्यपालक अभियंता मनीष कुमार, बीसीसीएल, टाटा स्टील, मैथन पावर, ईसीएल, हर्ल सिंदरी, एसीसी सहित अन्य कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद थे. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-vice-chancellor-of-bbmku-sought-financial-support-from-teachers/">धनबाद: बीबीएमकेयू के कुलपति ने शिक्षकों से मांगा आर्थिक सहयोग [wpse_comments_template]
Leave a Comment