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धनबाद : 10 करोड़ घोटाला मामले में CBI से शिकायत, माह भर बाद भी FIR तक नहीं

 
  • डाकपाल ने लगभग दस करोड़ सरकारी राशि का किया था घोटाला 
  • डाक विभाग की तरफ से एक माह पूर्व ही सीबीआई से की जा चुकी है शिकायत 
  • केके पॉलिटेक्निक उप डाकघर गोविंदपुर में हुई थी गड़बड़ी 
Dhanbad : धनबाद के गोविंदपुर केके पॉलिटेक्निक उपडाकघर में हुए लगभग दस करोड़ रुपये के घोटाले में अब तक आरोपी उप डाकपाल के खिलाफ एफआईआर तक नहीं हुई है, जबकि इस घोटाले को सामने आए लगभग ढाई माह बीत चुका है. डाक विभाग ने भी इस मामले को लेकर सीबीआई से लगभग एक माह पूर्व शिकायत की थी. इस शिकायत के बाद भी अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी है. हालांकि आरोपी डाकपाल को विभाग ने निलंबित कर रखा है. बताते चलें कि 2022 में गोविंदपुर के उक्त डाकघर में सुमित सौरभ बतौर पोस्टमास्टर कार्यरत थे. यह घोटाला तभी का है. पोस्टमास्टर सुमित सौरभ ने सरकारी राशि को निजी बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया था और फिर कमीशन देकर उन खाता धारकों से रकम वापस ले ली थी. ऐसा कर लगभग दस करोड़ रुपये की सरकारी राशि का गबन किया गया. घोटाले की जानकारी मिलते ही विभाग में हड़कंप मच गया और तत्काल रूप से पोस्टमास्टर सुमित सौरभ का वहां से स्थानांतरण कर दिया गया, हालांकि बाद में उसे निलंबित भी कर दिया गया. विभागीय जांच के क्रम में 90 से अधिक बैंक खाते फ्रीज हुए थे, इनमें लगभग 70 खाते डाकघर के थे, जबकि दो दर्जन बैंक खाते निजी बैंकों के थे. इस मामले को लेकर धनबाद के वरीय डाक अधीक्षक उत्तम कुमार सिंह ने विभागीय सर्किल हेड को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की बात कही थी. संबंधित आदेश प्राप्त होने के बाद डाक अधीक्षक ने धनबाद सीबीआई से मामले की लिखित शिकायत की थी. इस शिकायत को दिए हुए महीना भर बीत चुका है, लेकिन फिलहाल एफआईआर नहीं की जा सकी है. इस मामले में सीबीआई के अधिकारी का कहना है कि दिल्ली कार्यालय से एफआईआर के लिए आदेश नहीं मिल पाया है.

सात महीने में एक भी एफआईआर नहीं 

धनबाद सीबीआई कार्यालय में फिलहाल अधिकारियों की घोर कमी है. यहां के कुछ अधिकारियों का अन्य स्थानों पर तबादला कर दिया गया है. इस कारण यहां के कार्य प्रभावित हो रहे हैं, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है. बावजूद इसके पिछले सात महीनों में एक भी एफआईआर नहीं होना, चिंताजनक है. धनबाद सीबीआई कार्यालय में बीते वर्ष भी महज पांच मुकदमे दर्ज हुए थे. कुल मिलाकर कहा जाए तो सोलह महीनों में पांच मुकदमे दर्ज हुए हैं. इनमें से कई तो ट्रैप केस है. इसे भी पढ़ें : जमीन">https://lagatar.in/half-a-dozen-cases-have-been-registered-against-land-scammer-vicky-jaiswal-hires-a-female-bouncer-to-take-over-the-land/">जमीन

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