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धनबाद : भू‍मिगत कोयला खदानों को बंद करने की साजि‍श- अरूप चटर्जी

Nirsa : धनबाद (Dhanbad)">https://lagatar.in/dhanbad-molestation-and-assault-with-a-woman-in-singra-basti-of-baghmara/">(Dhanbad)

जिले के ईसीएल मुगमा क्षेत्र की बैजना कोलियरी के समक्ष 11 जुलाई को मजदूरों ने अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया. 31 नंबर इंक्लाइन के गेट पर बीसीकेयू के बैनर तले हुए धरना-प्रदर्शन में निरसा के पूर्व विधायक अरूप चटर्जी समेत अन्‍य मजदूर नेता शामिल हुए. अरूप चटर्जी ने कहा कि ईसीएल प्रबंधन को बंद खदानों को चालू करने के बारे में सोचना चाहिए. लेकिन यहां तो चालू खदानों को ही प्रबंधन बंद कराने पर आमदा है. इसे सफल नहीं होने दिया जाएगा. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ईसीएल, सीसीएल, बीसीसीएल और सीएमपीडीआई को कोल इंडिया से अलग करना चाहती है. इसी क्रम में बीसीसीएल में 25 प्रतिशत विनिवेश का निर्णय लिया है. सरकार विनिवेश के माध्यम से कोल इंडिया का निजीकरण करना चाहती है. इसके खिलाफ सभी यूनियनों को एकजुट होकर लड़ाई लड़ने की जरूरत है. वक्‍ताओं ने कहा कि ईसीएल प्रबंधन धीरे-धीरे भूमिगत खदानों को बंद करने की साजिश कर रही है. सारे संसाधन होने के बावजूद प्रबंधन भूमिगत खदानों को बंद कर मजदूरों की छंटनी करने के प्रयास में जुटा है. बीसीकेयू मजदूरों के हक के‍ लिए आरपार की लड़ाई लड़ेगी. प्रदर्शन में बीसीकेयू के मुगमा क्षेत्र के अध्यक्ष आगम राम, कार्तिक दत्ता, दिल मोहम्मद, भक्तपदो मोदी, पापन चटर्जी, अमित मुखर्जी, मागन बाउरी, माधव रविदास, पोरेश सोरेन, तारकनाथ रविदास,  उत्तम कर, रामजी यादव  समेत काफी संख्या में मजदूर शामिल थे. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-despite-the-order-why-no-fir-against-22-engineers-and-contractors-accused-of-embezzlement-of-two-crores/">धनबाद

: आदेश के बावजूद दो करोड़ गबन के आरोपी 22 अभियंता एवं संवेदक पर एफआइआर क्यों नहीं [wpse_comments_template]

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