Dhanbad: दो माह में तमाम प्रयास के बाद भी 15 सैरात [पार्किंग] की बंदोबस्ती नहीं हो पाई. अब निगम के अधिकारी खुद से यानी अपने कर्मियों से ही पार्किंग शुल्क की वसूली करेगी. सहायक नगर आयुक्त प्रकाश कुमार ने बताया कि संवेदक बंदोबस्ती में रूचि नहीं ले रहे हैं. इससे राजस्व का नुकसान हो रहा है. मार्च माह में तीन बार टेंडर निकाला गया, लेकिन बंदोबस्ती सिर्फ तीन सैरात की हुई है. अब बंदोबस्ती की विभागीय प्रक्रिया शुरू की जाएगी. विभाग के कर्मियों को ही पार्किंग चार्ज लेने की जिम्मेवारी दी जाएगी.
नजर लग गई कोडरमा को ! [wpse_comments_template]
एग्रीमेंट खत्म कर दिया
कोविड के कारण दो साल तक नुकसान की बात संवेदक निगम से अपने कह चुके हैं. तीन तीन महीने का एक्सटेंशन देकर निगम बंदोबस्ती को आगे बढ़ाते आ रहा था, लेकिन संवेदक निगम द्वारा तय की गई राशि जमा नहीं कर रहे थे. इस कारण एग्रीमेंट खत्म कर दिया गया और नए सिरे से इस साल बंदोबस्ती की प्रक्रिया शुरू की. साथ ही ही 10 प्रतिशत राशि भी बढ़ा दी. यही कारण रहा कि ज्यादातर संवेदकों ने टेंडर में भाग ही नहीं लिया .रंगदारों का भी कब्जा
शहर की सड़कों पर निगम के अलावा रंगदारों का भी कब्जा रहता है. निगम की बंदोबस्ती के बाद भी रंगदार अपने हिस्से का पैसा संवेदकों से ले जाते है. बंदोबस्ती नहीं होने पर भी रंगदार सड़कों पर अवैध वसूली का धंधा चलाते हैं. निगम के अधिकारी भी यह बात जानते हैं. इसे लेकर संवेदक निगम में शिकायत भी करते हैं. रंगा टांड़, बैंक मोड़, बिग बाजार का मामला पूर्व में सामने आ चुका है. संवेदकों- रंगदारों के लोगों के साथ मिलकर काम करते हैं .इन स्थानों पर अवैध वसूली
बैंक मोड़, पुराना बाजार, टेक्सटाइल मार्केट, कोर्ट कैम्पस सहित झरिया, कतरास, छाताबाद एवं सिंदरी अंचल के कई सैरात की बंदोबस्ती नहीं हो पाई है. अवैध वसूली का धंधा जारी है. मामला प्रकाश में आने के बाद रंगदार कुछ दिनों तक वसूली बंद कर देते हैं , लेकिन कुछ दिन बाद वसूली फिर शुरू हो जाती है. पिछले माह सिटी सेंटर, पुराना बाजार पानी टंकी और परघाबाद की बंदोबस्ती हुई है. यह भी पढ़ें : किसकी">https://lagatar.in/who-saw-koderma/">किसकीनजर लग गई कोडरमा को ! [wpse_comments_template]
Leave a Comment