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धनबाद : हाथी के दांत साबित हो रही निगम की रोड स्वीपिंग मशीन

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Dhanbad: तीन करोड़ रुपये मूल्य पर नगर निगम में खरीदी गई रोड स्वीपिंग मशीन हाथी के दांत साबित हो रही है. शहर के गली-मुहल्लों या सड़कों पर सफाई का काम नहीं हो रहा है. जिस रूट पर सफाई का दावा किया जा रहा है, वहां भी नियमित सफाई का काम नहीं हो रहा है.

      दावे अनेक, काम नदारद

बैंक मोड़ से स्टील गेट तक कभी कभी ही सफाई हो रही है. शहर की अन्य सड़कों की सफाई कर्मियों के जरिये हो रही है. वार्ड की सड़कों पर तो त्योहार या किसी विशेष अवसर पर ही सफाई का काम होता है. हालांकि निगम की फाइलों में रोड स्वीपिंग मशीन से हर दिन सफाई कराने का दावा किया जा रहा है और प्रति घंटे 10 लीटर डीजल की खपत भी दिखाई जा रही है.

   डेढ़ साल बाद मशीन से शुरू हुई थी सफाई

भारी भरकम खर्च को देखते हुए निगम के अधिकारियों ने डेढ़ साल पहले रोड स्वीपिंग मशीन से सफाई का काम बंद कर दिया था. तब से बैंक मोड़ निगम कार्यालय व हीरापुर स्थित कंपेक्टर स्टेशन में मशीन बेकार पड़ी थी. इसी साल दीपावली में नगर आयुक्त सत्येंद्र कुमार ने खुद रोड स्वीपिंग मशीन चलाने का निर्णय लिया तथा हर दिन मॉनिटरिंग करने की बात कही. बैंक मोड़ से स्टील गेट तक रूट भी तय किया गया. सुबह 4 बजे से और रात 11 बजे के बाद मशीन चलाने की बात कही गई. कुछ दिनों तक यह काम हुआ भी, लेकिन त्योहार खत्म होते ही लापरवाही भी नजर आने लगी.

  क्या कहते हैं सुपरवाइजर

निगम के सुपरवाइजर अर्जुन राम कहते हैं कि हीरापुर में तो हर दिन रोड स्वीपिंग मशीन चलती है, लेकिन सुबह 6 बजे. उन्होंने कहा सबूत भी भेज सकते हैं. इतना कहने के बाद फिर वह अपनी बात बदल देते हैं. कहते हैं, ‘देखिये मेरा ट्रांसफर छाताटांड़ अंचल में हो गया है. यह काम शुभम देख रहा है. ठीक-ठीक वही बतायेगा’. शुभम का नंबर मिलता भी है. लेकिन बार बार फोन करने पर भी फोन नहीं उठाता है.

    2019 में खरीद गई थी रोड स्वीपिंग मशीन

शहर की सड़कों को चमकाने के उद्देश्य से तीन करोड़ कीमत अदा कर तीन रोड स्वीपिंग मशीन खरीदी गई. 17 अगस्त 2019 को तत्कालीन मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर मशीन से सड़कों की सफाई शुरू कराई और खूब वाहवाही भी लूटी थी. एक सप्ताह तक रात में मशीन चली भी. इसी बीच उसमें गड़बड़ी आ गई.  मेंटनेस के लिये कारीगर भी नहीं मिला और मशीन खड़ी हो गई. भारी भरकम खर्च को देखते हुए अधिकारियों ने मशीन को दुबारा चलाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई.

        इन रूटों पर मशीन चलाने का था वादा

रोड स्वीपिंग मशीन बैंक मोड़ से झरिया, डिगवाडीह होते हुए सिंदरी, बैंक मोड़ के रांगाटांड़, पूजा टॉकीज, सिटी सेंटर, रणधीर वर्मा चौक, पुलिस लाइन, कार्मिक नगर होते हुए सरायढेला तक चलाने का वादा किया गया था. लेकिन अब इन सड़कों पर मैनुअल काम हो रहा है. सड़क पर जमा पानी को मशीन में लगे सक्शन पंप से खींचने का दावा भी किया गया था. परंतु ऐसा हुआ नहीं. नगर आयुक्त सत्येंद्र कुमार से जब उनके कार्यालय में संपर्क करने का प्रयास किया गया तो वह नदारद मिले.  बार बार कोशिश के बावजूद उन्होंने फोन नहीं उठाया. यह भी पढ़ें : बोकारो">https://lagatar.in/bokaro-anganwadi-centers-will-be-upgraded-strategy-ready/">बोकारो

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