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धनबाद : पूर्व विधायक अरूप चटर्जी की अपील पर सुनवाई II समेत कोर्ट की 3 खबरें

Dhanbad : निरसा के पूर्व विधायक अरूप चटर्जी समेत 10 लोगों के खिलाफ अदालत ने वर्ष 2014 में रेल परिचालन बाधित करने के जुर्म में छह माह की जेल व दो हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई थी. इसके विरूद्ध अरूप चटर्जी समेत अन्य आरोपियों ने धनबाद कोर्ट में अपील दायर की थी, जिस पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में शनिवार को सुनवाई हुई. अदालत ने दोनों पक्षों को बहस का निर्देश दिया है. इस मामले में रेलवे के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी गौरव खुराना की अदालत ने 21 दिसंबर 2020 को पूर्व विधायक अरूप चटर्जी, मुहिज खान, राजू खान, शिव कुमार भगत, शंकर प्रसाद सिंह, शेरू खान, अनुपम मजूमदार, बादल चंद्र बाउरी,शांतू चटर्जी उर्फ दीपक चटर्जी व मुन्ना यादव को छह माह की कैद व 2 हजार रुपए जुर्माना से दंडित किया था.

आचार संहिता उल्लंघन मामले में ददई दुबे कोर्ट में हुए हाजिर

Dhanbad : चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के मामले में धनबाद के पूर्व सांसद चंद्रशेखर दुबे उर्फ ददई दुबे व नीतीश कुमार सिंह के विरुद्ध शनिवार को एमपी एमएलए की विशेष न्यायिक दंडाधिकारी अर्पिता नारायण की अदालत में सुनवाई हुई. बचाव पक्ष ने अभियोजन के केस को बंद करने की प्रार्थना की. कहा कि इस मामले में गवाह नहीं आ रहा हैं, इसलिए केस बंद किया जाए. सहायक लोक अभियोजक ने गवाह पेश करने के लिए समय की याचना की. इस पर अदालत ने गवाह पेश करने का आदेश दिया. सुनवाई के दौरान पूर्व सांसद चंद्रशेखर दुबे उर्फ ददई दुबे व नीतीश कुमार सिंह अदालत में हाजिर थे. यह मामला 20 अप्रैल 2014 को बांग्ला स्कूल के निकट एमसीएल फैक्ट्री के आवासीय परिसर में नीतीश कुमार सिंह द्वारा बिना अनुमति के टीएमसी का झंडा लगाने से जुड़ा है.

नीरज हत्याकांड : पंकज का आवेदन निरस्त करने का आग्रह

Dhanbad : धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड में शूटर चंदन की ओर से दायर अंतरिम जमानत याचिका पर शनिवार को को कोर्ट में सुनवाई हुई. सहायक लोक अभियोजक उमेश दीक्षित ने पंकज सिंह के आवेदन का विरोध करते हुए अदालत में जवाब दायर किया और पंकज के आवेदन को निरस्त करने की प्रार्थना की. इसका प्रतिवाद करते हुए अधिवक्ता मो जावेद ने कहा कि कथित घटना के दिन धनबाद के तत्कालीन डीसी ने एसपी, सिविल सर्जन व एसडीएम को पत्र लिखकर कहा था कि अज्ञात अपराधियों ने नीरज सिंह व अन्य की हत्या कर दी  है. शवों का पोस्टमार्टम उसी रोज रात में ही कराया जाए. लिहाजा उस पत्र को डीसी, एसपी कार्यालय, एसडीएम व सिविल सर्जन कार्यालय से मंगाया जाना न्यायहित में जरूरी है, ताकि उसे साक्ष्य के रूप में अंकित किया जाए. इस पर अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया है. ज्ञात हो कि नीरज सिंह 21 मार्च 2017 की शाम 7 बजे अपपी फॉरच्यूनर कार जेएच10 एआर-4500 से सरायढ़ेला स्थित अपने आवास रघुकुल लौट रहे थे. वह ड्राइवर के बगल में आगे वाली सीट पर बैठे थे. पीछे की सीट पर उनका सहायक सरायढ़ेला न्यू कॉलोनी निवासी अशोक यादव और दो निजी अंगरक्षक बैठे थे. स्टील गेट के पास स्पीड ब्रेकर पर नीरज की गाड़ी की रफ्तार कम होते ही दो बाइक पर सवार अपराधियों ने गोलियों की बरसात कर नीरज सिंह की हत्या कर दी थी. यह भी पढ़ें : Adityapur">https://lagatar.in/adityapur-will-provide-rights-to-the-poor-tribals-indigenous-people-farmers-students-youth-champai/">Adityapur

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