कई साल बाद गिरावट चंद दिनों में काफूर
राशन दुकानदार मुकेश कुमार बताते हैं कि कई साल बाद 2 माह पूर्व सरसों तथा रिफाइंड ऑयल की मूल्य में कमी आई थी. अब फिर 5 से ₹8 की बढ़ोतरी हो गई है. टीन पर 200 से 250 रुपये का बदलाव हुआ है. वह बताते हैं कि ग्राहकों में भी इस उतार-चढाव के कारण निराशा है. कल तक ग्राहक खुशी खुशी तेल की खरीदारी कर रहे थे, अब वे फिर सवाल जवाब करने लगे हैं.पहले घटा, अब फिर बढ़त के साथ बिकने को तैयार
धनबाद कृषि बाजार के थोक विक्रेता जितेंद्र अग्रवाल के अनुसार 4 से ₹5 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने कहा कि ₹180 प्रति लीटर बिकने वाले सरसों तेल की कीमत घटकर ₹144 प्रति लीटर हो थी. अब वह पुनः अपने ₹4 की बढ़त के साथ ₹148 प्रति लीटर बिकने को तैयार है.आये दिन ग्राहकों से हो रहा विवाद
खुदरा विक्रेता विजय साव बताते हैं कि पिछले महीने खुदरा मूल्यों में ₹ 26 से 30 रुपये तक की गिरावट हुई थी. पाम ऑयल के आयात-निर्यात से प्रतिबंध हटने के बाद माना जा रहा था कि सरसों के तेल के मूल्य में कमी आएगी. अब फिर मूल्य में वृद्धि से आश्चर्य हो रहा है. बाजार में कभी इतना उतार-चढ़ाव नहीं हुआ, जितना छह माह में देखने को मिला है. वह बताते हैं कि तेल की कीमतों को लेकर आए दिन ग्राहकों से विवाद होता है.घटते-बढ़ते मूल्य से आश्चर्य
पिछले माह जो तेल 158 रुपये लीटर था, अब वह 168 रुपये हो गया है. रिफाइंड तेल में भी भारी गिरावट के बाद उछाल हुआ है. 2 माह पूर्व ₹180 प्रति लीटर बिकने वाले धारा रिफाइंड घटकर ₹150 हो गया था, जो अब ₹155 प्रति लीटर बिक रहा है. फार्च्यून ₹175 प्रति लीटर से घटकर ₹160 में बिक रहा था. अब उसमें भी ₹5 की तेजी आ गई है. मटरक ₹170 से घटकर ₹140 के बाद अब ₹150 की बढ़त बना ली है.घर का बजट ही गड़बड़ा गया
सुनील कुमार के अनुसार खाद्य पदार्थों की कीमतों में प्रतिदिन उतार-चढ़ाव से घर का बजट गड़बड़ा जाता है. महीने के अंत में सैलरी के पैसे घट जाते हैं. कई जरूरी काम के लिए सोच सोच कर खर्च करना पड़ता है. ऐसे में राशन बिल में उतार-चढ़ाव होने से परेशानी हो रही है.गरीब व मध्यम वर्ग की परेशानी बढ़ी
राजू लोहार ने बताया कि पिछले दिनों सरसों तेल में गिरावट से थोड़ी राहत मिली थी. लेकिन एक बार फिर से ₹5 से ₹7 तक की बढ़ोतरी हो गई है. उम्मीद थी कि गिरावट कुछ साल तक बनी रहेगी. लेकिन महीना भी नहीं गुजरा और फिर मूल्यों में बढ़ोतरी कर दी गई है. उन्होंने बताया कि बढ़ोतरी अब जारी रहेगी. यह सिर्फ गरीब और मिडिल क्लास वालों की परेशानी बढ़ने के संकेत हैं. यह भी पढ़ें: धनबाद">https://lagatar.in/postcard-campaign-in-the-markets-for-the-airport-in-dhanbad/">धनबादमें एयरपोर्ट के लिए बाजारों में चला पोस्टकार्ड अभियान [wpse_comments_template]

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