Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) जिले के कोयला उत्खनन क्षेत्र में कोयला चोरी पर रोक लगाने के लिए समाहरणालय में शनिवार 1 अप्रैल को डीसी संदीप सिंह की अध्यक्षता में बीसीसीएल, ईसीएल, सीआईएसफ एवं जिला पुलिस के साथ बैठक हुई. बीसीसीएल व आउटसोर्सिंग कंपनी, सीआईएसएफ हेतु स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) की समीक्षा व कार्य योजना तैयार करने पर चर्चा की गई, ताकि कोयला चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके.
अनधिकृत प्रवेश पर अलार्म सिस्टम लगाने का सुझाव
डीसी ने बीसीसीएल के सीएमडी से कहा कि आउटसोर्सिंग के कार्यों की अपने स्तर से नियमित मॉनिटरिंग करें और यदि आवश्यक हो तो टेंडर की शर्तों में सुरक्षा हेतु मैन पावर की शर्तों को रखें. डीसी ने कोयले के अवैध खनन, परिवहन, भंडारण की रोकथाम व अवैध खनन में संलिप्त लोगों पर नामजद प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया. आउटसोर्सिंग एजेंसी को आवंटित कोयला खनन क्षेत्रों में सुरक्षा की जिम्मेवारी एवं किसी तरह से अनाधिकृत प्रवेश रोकने की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की है. उन्होंने साइकिल-मोटरसाइकिल के जरिए अनाधिकृत रूप से कोयले की चोरी करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने करने का निर्देश दिया. साथ ही आउटसोर्सिंग एजेंसी सीआईएसएफ तथा बीसीसीएल के बीच बेहतर तालमेल और कम्युनिकेशन के लिए वॉकी-टॉकी सिस्टम लगाने का सुझाव दिया. 2 महीने में करें बैठक, समन्वय स्थापित करें
जिला प्रशासन, जिला पुलिस, सीआईएसएफ एवं बीसीसीएल/ईसीएल की प्रयुक्त टीम द्वारा आउटसोर्सिंग एजेंसी के खनन क्षेत्रों का सिक्योरिटी ऑडिट कराने का निर्णय लिया गया. डीसी ने सभी माइनिंग एरिया में किसी भी तरह के अनाधिकृत प्रवेश पर सुरक्षा अलार्म (सिक्योरिटी अलार्म सिस्टम) लगाने का सुझाव दिया. कोल इंडिया के सुरक्षा सलाहकार एवं बीसीसीएल के सीएमडी द्वारा कहा गया कि उसको शीघ्र लागू कराने हेतु कदम उठाए जाएंगे. डीसी ने कोयला चोरी और कोयला खनन क्षेत्र में अनाधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश रोकने में परेशानियों के समाधान हेतु सीआईएसफ,जिला पुलिस एवं प्रशासन को 2 महीने में एक बार बैठक कर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया. आउटसोर्सिंग कंपनियों ने पर्याप्त मैन पावर का मुद्दा उठाया
सीआईएसएफ के क्षेत्रीय पदाधिकारियों ने भी आउटसोर्सिंग कंपनियों द्वारा सुरक्षा हेतु पर्याप्त मैन पावर ना रखे जाने की बात कही. साथ ही कोयला चोरी एवं अनधिकृत प्रवेश जैसी घटनाओं की ससमय एफआईआर दर्ज न कराने एवं आउटसोर्सिंग एजेंसियों द्वारा लापरवाही बरतने की बात भी उठाई गई. बैठक में सीआईएल के वरिष्ठ सुरक्षा सलाहकार आलोक कुमार पटेरिया, अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक बीसीसीएल समीरण दत्ता, ,पुलिस उप महानिरीक्षक सीआईएसएफ विनय काजला, वरीय पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं शहरी रिष्मा रमेशन, अपर जिला दंडाधिकारी कमलाकांत गुप्ता, जिला खनन पदाधिकारी मिहिर सलकर, निदेशक तकनीकी बीसीसीएल, महाप्रबंधक मुग्मा क्षेत्र ईसीएल आदि मौजूद थे. [wpse_comments_template]
Leave a Comment