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धनबाद:डी-नोबिली मुगमा की बस घर में जा घुसी, बाल-बाल बचे

Nirsa : निरसा (Nirsa) डी-नोबिली स्कूल मुगमा की एक बस 22 अगस्त सोमवार को अनियंत्रति होकर एक घर में जा घुसी. बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, परंतु उस पर सवार 35 बच्चों को खरोंच तक नहीं आयी. एक बच्चे को मामूली चोट लगी है. बस चालक कमल शर्मा को भी गंभीर चोटें आयी हैं.  उसका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है. घर के लोग भी बाल-बाल बच गए.

  अभिभावकों के बीच मची खलबली

हादसे की सूचना मिलने पर अभिभावकों के बीच खलबली मच गई. सभी दौड़े-दौड़े घटना स्थल पर पहुंचे और अपने बच्चों को सही सलामत देख राहत की सांस ली. सभी अभिभावकों ने अपने वाहन से बच्चों को स्कूल पहुंचाया. निरसा थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंची तथा दुर्घटनाग्रस्त बस को थाना ले गई.

  भालजोरिया में इंतजार कर रहे थे स्कूली बच्चे

बताया जाता है कि सोमवार की सुबह थापरनगर एवं उसके आसपास के इलाकों के बच्चों को बस में बैठा कर चालक स्कूल जाने के लिए निकला. भालजोरिया में भी कुछ बच्चों को बस में चढ़ना था. बच्चे सड़क किनारे बस का इंतजार कर रहे थे. अचानक बस अनियंत्रित होकर भोलानाथ मुखर्जी के आवास के अगले हिस्से को तोड़कर अंदर जा घुसी. हादसे में आवास के आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया. उसके बाद बस रुक गई. बस पर सवार आठवीं के छात्र थापरनगर निवासी शोएब को हल्की चोट आई है. गनीमत थी कि बस के केबिन में कोई छात्र नहीं बैठा था.

  ज्यादातर बसों के कागजात नहीं हैं दुरुस्त

हादसे के बाद आक्रोशित स्थानीय लोगों ने कहना है कि डी-नोबिली स्कूल में चलने वाली ज्यादातर बसों के कागजात दुरुस्त नहीं हैं. पुरानी बसों का इस्तेमाल बच्चों को स्कूल व घर पहुंचाने के लिए किया जा रहा है. परिवहन विभाग को इस दिशा में ठोस पहल करनी चाहिए. स्कूल में चलने वाली बसों के लिए सरकार एवं परिवहन विभाग के दिशा निर्देश का अनुपालन नहीं हो रहा है.

  चार वर्ष पहले अधिकतर बसें थी अनफिट

गौरतलब है कि लगभग चार वर्ष पूर्व जब जिला परिवहन विभाग द्वारा स्कूली बसों की जांच की गई थी, तो सबसे ज्यादा डीनोबिली स्कूल की बसें अनफिट पाई गईं थीं, उस वक्त बसों को जब्त कर निरसा थाना में लगा दिया गया था. करीब 10-12 वर्ष पूर्व खुदिया फाटक के समीप एनएच 2 पर डी-नोबिली स्कूल की बस की खिड़की से गिरकर सात वर्षीय बच्चे की मौत हो गई थी.

  अभी भी कई बसें हो सकती हैं अनफिट

लोगों का कहना है कि अभी भी स्कूल में चलने वाली अधिकतर बसें काफी पुरानी हैं. डेंटिंग-पेंटिंग कर बस को दुल्हन की तरह सजा दिया गया है. जांच की जाए तो सभी अनफिट पाई जाएंगी. अभिभावकों ने जिला प्रशासन समेत स्कूल प्रबंधन से ऐसी बसों को अविलंब हटाने की मांग की है, जिनके कागजात दुरुस्त नहीं हैं. यह भी पढ़ें: धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-in-nirsa-the-mendez-personnel-of-the-electricity-department-handed-over-the-demand-letter-to-the-jmm-leader/">धनबाद:

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