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धनबाद : झरिया के सिमलबहाल में बीसीसीएल कर्मी का शव मिला, मौत की वजहों पर सस्पेंस

परिजन को मुआवज़ा और नियोजन की मांग को लेकर य़ूनियन नेताओं ने किया प्रदर्शन Jharia : बोरागड ओपी अंतर्गत भलगड़ा न्यू पिट सिमलबहाल के समीप झाड़ियों में गुरुवार 28 सिंतबर की सुबह बीसीसीएल कर्मी बेचन हरिजन (55 वर्ष) का शव बरामद हुआ. जिसके बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई. सूचना मिलते ही बोरागड ओपी प्रभारी मनीष सिंह भी दल बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और शव को कब्ज़े में लेकर जांच शुरू की. ओपी प्रभारी ने बताया कि प्रथमदृष्ट्या मामला दुर्घटना का लग रहा है. मृतक की बेटी अचर्ना कुमारी ने बताया कि उनके पिता बीसीसीएल न्यू पिट शिमलाबहाल में एक्सप्लोसिव कुरियर मेन (बारूद कुली) के पद में कार्यरत थे. बुधवार शाम 7 बजे धनबाद के कार्मिक नगर बीसीसीएल क्वार्टर स्थित आवास से ड्यूटी जाने के लिए साइकिल से निकले थे. रात दस बजे पिता को फोन किया कि ड्यूटी पहुंचे कि नहीं. तो उन्होंने बताया कि किसी बाइक से उनका एक्सीडेंट हो गया है. वह भालगड़ा में है और जैसे-तैसे ड्यूटी पर जा रहे हैं. जिसके बाद हमलोगों ने काफी खोजबीन शुरू की. सरायढेला थाना व एसएनएमसीएच हॉस्पिटल भी गए. लेकिन वहां वह नहीं मिले. आज सुबह उनका शव भलगड़ा न्यू पिट सिमलबहाल में मिलने की सूचना मिली. मृतक बेचन हरिजन का पूरा परिवार यूपी के देवरिया जिले में रहता है. वहीं बेचन हरिजन अपनी मंझली बेटी अर्चना कुमारी के साथ धनबाद के कार्मिक नगर स्थित बीसीसीएल क्वार्टर में रहते थे. बेटी अर्चना का रो-रो कर बुरा हाल है. [caption id="attachment_770273" align="alignnone" width="272"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/09/BCCL-PRADARSHAN-272x155.jpg"

alt="" width="272" height="155" /> विरोध प्रदर्शन करते यूनियन नेता व कर्मचारी[/caption]

नियोजन की मांग को लेकर कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन

बीसीसीएल कर्मी की मौत की ख़बर पाते ही जनता श्रमिक संघ के अमर सिंह, जनता मजदूर संघ के हरेराम सिंह समेत कई यूनियन नेता भालगड़ा न्यू पिट पहुंचे और मृतक के परिजनों को नियोजन की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे. जनता श्रमिक संघ के नेता अमर सिंह ने बताया कि मृतक बेचन हरिजन को चोट लगी थी. लेकिन देखने से ऐसा प्रतीत होता है कि सबूत मिटाने के लिए किसी ने उसे यहां रख दिया. परिजनों को नौकरी व मुआवजे को लेकर मैनेजर व एरिया एजेंट से बात हुई है. परिजनों के आने का इंतजार कर रहे है. जब तक पूरी प्रक्रिया नही हो जाती शव को उठाने नही दिया जाएगा.

मृतक की मौत पर चर्चाओं का बाजार रहा गर्म

मृतक बेचन हरिजन के शव को देखने आए ग्रामीणों के मन में कई सवाल उफान मार रहे थे. साइकिल का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त था, तो क्या मृतक अपने कंधे पर साइकिल को लाद कर यहां तक पहुंचा था. अगर वाकई किसी वाहन से उसकी टक्कर हुई थी तो उसके कपड़े में कोई निशान तक क्यों मौजूद नहीं थे. कुछ स्थानीय लोगों की माने तो पूरे बोरागड क्षेत्र में सूदखोरों का वर्चस्व कायम है. यहां कई कर्मचारी सूद और ब्याज के मकड़जाल में फसे हुए हैं. पैसे नही लौटाने पर कई बार सूदखोरों द्वारा मारपीट भी की जाती है. यह भी पढ़ें : [wpse_comments_template]

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