Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) और आसपास के क्षेत्रों में 5 मई को बुद्ध पूर्णिमा श्रद्धा के साथ मनाई गई. सुबह में श्रद्धालुओं ने दामोदर, बराकर नदी व सरोवरों ने स्नान के बाद दान-पुण्य किया और मंदिरों में पूजा-अर्चना का परिवार की खुशहाली की कामना की. मंदिरों में विशेष पूजा-अनुष्ठान हुए. शहर के जोड़ाफाटक रोड स्थित शक्ति मंदिर, जयप्रकाश नगर के सर्वेश्वरी मंदिर, खड़ेश्वरी मंदिर, त्रिमूर्ति मंदिर, मानस मंदिर जगजीवन नगर सहित अन्य मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा. वैशाखी पूर्णिमा के अवसर पर घरों में सत्यनारायण भगवान की कथा का भी आयोजन किया गया. वेदाचार्य रमेश चंद्र त्रिपाठी ने बुद्ध पूर्णिमा के महात्म पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि पर गंगा स्नान दान-पुण्य और पूजा-पाठ का विशेष महत्व है. इस साल वैशाख पूर्णिमा पर कई वर्षों बाद दुर्लभ संयोग बना है. इस दिन वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण भी है. उन्होंने बताया कि वैशाखी पूर्णिमा पर तीर्थ स्थानों पर स्नान-दान का महत्व तो है ही, पंच देवी-देवताओं की आराधना का भी विधान है. पूर्णिमा के दिन श्री हरि विष्णु, धन की देवी माता लक्ष्मी, चंद्रदेव, भोलेनाथ और श्री कृष्ण की आराधना करने का विशेष महत्व है. शुक्रवार लक्ष्मी का दिन है. इसलिए इस दिन लक्ष्मी की आराधना से श्री विष्णु की कृपा की भी प्राप्ति होती है और दरिद्रता दूर होती है. खंडेश्वरी मंदिर के पुजारी राकेश पांडे ने बताया कि वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण शुक्रवार की रात 8:45 से शुरू होगा और मोक्षकाल रात एक बजे है. हालांकि यह छाया चंद्रग्रहण है. इसलिए धनबाद सहित पूरे झारखंड में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा. यह भी पढ़ें : धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-decomposed-dead-body-of-a-woman-found-in-a-joria-in-sindri-not-identified/">धनबाद:
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