जोड़ाफाटक रोड स्थित शक्ति मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन 5 अगस्त को कथावाचिका कृष्णप्रिया ने श्रीमद्भागवत की महिमा का बखान किया. कहा कि भागवत कथा हमें जीवन जीना सीखाती हैं. कथा सुनन मात्र से व्यक्ति के मन के विकार दूर होते हैं और वह आध्यात्मिकता की ओर उन्मुख होता है. कथा कल्पवृक्ष के समान है, जिससे सभी इच्छाओं की पूर्ति की जा सकती है. उन्होंने कहा कि मनुष्य अपने कर्मों का फल भोगता है. सात जन्म पहले किए गलत कर्मों का फल भी उसे भुगतना जरूर पड़ता है. भगवान की भक्ति करने और उनका नाम जाप करने पाप कर्मो का प्रभाव घटता है और भविष्य सुखद होता.
भगवान से सिर्फ मांगें नहीं, मन से मिलें भी
कथा को आगे बढ़ाते हुए कृष्णप्रिया जी ने कहा कि जब हम ईश्वर को कुछ अर्पित करते हैं, तो वे हमारे भाव को देखकर गदगद हो जाते हैं. इसलिए भगवान से सिर्फ मांगें नहीं, मन से उनसे मिलें भी. कथा के दौरान कृष्णप्रिया जी ने मधुर भजनों का गायन भी किया, जिसे सुनकर लोग विभोर हो गए. देर तक झूमते रहे. आरती के बाद कथा का समापन हुआ. मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-graduation-fee-structure-will-change-in-bbmku-announced-after-the-consent-of-the-vice-chancellor/">धनबाद: बीबीएमकेयू में बदलेगा स्नातक का फी-स्ट्रक्चर, कुलपति की सहमति के बाद घोषणा [wpse_comments_template]

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