पुलिस ने एफआइआर भी नहीं ली
बता दें कि 25 जुलाई को पलानी में वनरक्षी के साथ मारपीट हुई थी. वनरक्षी ने प्रसन्न झा नामक वन संरक्षक व उसके साथियों पर आरोप लगाया है. बलबीर दासौंधी ने कहा कि बलियापुर पुलिस के पास जब एफआईआर लिखाने गया तो उन्होंने एफआईआर भी नहीं ली.पूछताछ की तो भड़क गए, हमला बोल दिया
बताया कि प्रभारी वनपाल साधना मंडल, एफजी विक्की रजवार, प्रभारी वनपाल महावीर गोराई, मोहम्मद जसीम अंसारी के साथ गश्त के दौरान पलानी सुरक्षित वन क्षेत्र पहुंचे. पलानी सुरक्षित वन क्षेत्र में 8 से 10 लोग वन भूमि में जेसीबी के माध्यम से मिट्टी की कटाई कर रहे थे. जेसीबी द्वारा कई वन सीमाओं को भी क्षतिग्रस्त किया गया था. घायल वन रक्षी का कहना है कि उसने लोगों से पूछताछ शुरू की तो वन संरक्षक प्रसन्न झा भड़क उठे और उसके साथियों ने वनरक्षी एवं उनके साथ के अन्य लोगों पर हमला बोल दिया.चाकू से किया हमला, वर्दी फाड़ दी
आरोपियों ने वनरक्षी की वर्दी फाड़ दी. चाकू से हमला बोल दिया. आरोपी कहने लगा कि उसे काम करने का आदेश विभाग ने दिया है. इस मामले में वन संरक्षक एवं रेंजर राकेश कुमार सिंह ने कहा था कि वनरक्षी के सारे आरोप गलत हैं. बलियापुर प्रभारी थाना प्रभारी पवन चौधरी ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है. अभी तक एफआइआर नहीं हुई है. यह भी पढ़ें: धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-training-given-to-blo-to-link-voter-with-aadhaar/">धनबाद: मतदाता को आधार से लिंक करने के लिए बीएलओ को दिया गया प्रशिक्षण [wpse_comments_template]

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