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धनबाद : बिहार बंगाल धौड़ा के विस्थापित ग्रामीणों को मिलेगा न्याय

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 Nirsa : निरसा (Nirsa)  विस्थापन का दंश झेल रहे बिहार बंगाल धौड़ा के ग्रामीणों को आर आर पॉलिसी के तहत 3.20 लाख एवं झारखंड सरकार से न्यूनतम मजदूरी के एवज में 1.06 लाख रुपये मिलेंगे. ईसीएल द्वारा सर्वे करा कर कच्चे-पक्के घर की कीमत अलग से दी जाएगी. ग्रामीणों के साथ धौड़ा में शनिवार 3 सितंबर को ईसीएल कापासारा आउटसोर्सिंग कोलियरी प्रबंधन की बैठक में यह घोषणा हुई. कोलियरी एजेंट पीके सिंह ने कहा कि मुआवजे की दावेदारी के लिये घर के मुखिया व अविवाहित 18 वर्ष उम्र से अधिक के आश्रितों का आधार कार्ड जमा करना होगा. बैठक में बिजली, पानी एवं सड़क के साथ पक्का मकान मुहैया कराने की मांग को लेकर कुछ महिलाओं ने हंगामा भी किया. कहा कि इतने रुपये में जमीन खरीदें कि मकान बनाएं. एजेंट सिंह ने कहा कि आरआर पॉलिसी के तहत मुआवजा का ही प्रावधान है. पॉलिसी से अलग कुछ नहीं कर सकते हैं. इसके बाद महिलाएं शांत हो गईं. बता दें कि पिछले तीन साल से कोलियरी विस्तारीकरण को ले धौड़ा हटाने के मामले पर विवाद चल रहा है. 40--45 परिवारों को विस्थापित होना है. ग्रामीणों की अगुवाई कर रहे काशीनाथ शर्मा ने कहा कि अगली बैठक में अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा. सरकारी जमीन पर कॉलोनी बनाकर विस्थापित परिवार को बसाने की मांग लेकर ग्रामीणों के साथ झारखंड के सीएम से मिला जाएगा. हालांकि मौखिक रूप से कोलियरी प्रबंधन ने धौड़ा के लोगों को बसाने के लिये जमीन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है. बैठक में कोलियरी मैनेजर एमके सिंह व अन्य अधिकारी के अलावे रामजी यादव, रौशन मिश्रा आदि मौजूद थे. यह भी पढ़ें: धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-mass-will-continue-to-fight-against-exploitation-oppression-and-injustice-agam-ram/">धनबाद:

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