Search

 
 
 

धनबाद: DVC पंचेत जीरो पॉइंट में सोलर प्लांट लगाने का विस्थापित ग्रामीणों ने किया विरोध

 
Dhanbad: डीवीसी पंचेत प्रबंधन द्वारा जीरो पॉइंट में सोलर प्लांट लगाने के निर्णय के खिलाफ विस्थापितों ने धरना प्रदर्शन किया और डीवीसी प्रबंधन के साथ वार्ता की. इस आंदोलन के दौरान विस्थापितों ने कहा कि जब हमारा देश अंग्रेजों के जंजीरों से आज़ादी का जश्न मना रहा था, उस समय हमारे देश में विकास के लिए संसाधनों की भारी कमी थी. नदियों में लगातार बाढ़ आती रहती थी, और इन समस्याओं के समाधान के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 1959 में पंचेत डेम का शिलान्यास किया था. डेम के निर्माण में स्थानीय लोगों ने खुलकर सरकार का सहयोग किया, अपनी ज़मीन दी और बेरोज़गार व विस्थापित हो गए. उस समय प्रधानमंत्री ने विस्थापितों को नौकरी, सिंचाई की व्यवस्था, शिक्षा, बिजली, सड़क और पीने योग्य पानी देने का आश्वासन दिया था. लेकिन वर्षों बीत जाने के बावजूद, डीवीसी प्रबंधन ने अब तक विस्थापितों को केवल छलने का काम किया है.विस्थापितों का आरोप है कि अब डीवीसी पंचेत प्रबंधन खाली पड़ी ज़मीन पर सोलर प्लांट लगाकर उनकी खेती और पशुपालन की ज़िंदगी को भी संकट में डालना चाहता है. विस्थापितों ने यह भी बताया कि सोलर प्लांट लगाने से लगभग 2000 से 2500 पेड़ों को काटा जाएगा, जिससे पर्यावरण को भी नुकसान होगा.विस्थापितों ने चेतावनी दी कि यदि ऐसा हुआ तो वे उग्र आंदोलन करेंगे. उन्होंने मांग की कि डीवीसी प्रबंधन उनके ज़मीन को वापस करे, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट और झारखंड सरकार के आदेश के अलावा, 12 दिसंबर 2000 को उपायुक्त महोदय के समक्ष हुई त्रिपक्षीय वार्ता में लिखित आश्वासन दिया गया था कि प्रोजेक्ट के लिए अधिग्रहित ज़मीन को संबंधित परिवारों को लौटाया जाएगा. लेकिन अब तक डीवीसी प्रबंधन केवल आश्वासन ही दे रहा है.
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही