3 लाख 59 हज़ार 224 लोगों का बना कार्ड
बता दें कि धनबाद जिले में 32 लाख 63 हजार 262 लोगों का आभा आईडी बनाया जाना है. लेकिन अब तक मात्र 3 लाख 59 हज़ार 224 लोगों का बनाया गया है. सरकार ने 50 दिन का समय दिया है. एक अगस्त से 19 सितंबर तक सभी लोगों का आभा आईडी बनाने का निर्देश है. झारखंड के सभी जिलों में स्थापित सरकारी एवं गैर सरकारी स्वास्थ्य केंद्र का हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री एचएफआर करने व मरीजों के तैयार आभा आईडी को एचपीआर या एचएफआर से लिंक करने का निर्देश दिया गया है.बेहतरीन काम करने वाले होंगे सम्मानित
50 दिन में बेहतरीन काम करने वाले सिविल सर्जन, एमओआईसी, सीएचओ, एएनएम और साहिया को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा. हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से कहा जा रहा है कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा निजी अस्पतालों में भी ऑनलाइन आभा आईडी बनाया जा रहा है. आयुष्मान भारत के धनबाद जिला नोडल पदाधिकारी डॉक्टर विकास राणा ने बताया कि लोगों से यथाशीघ्र आभा आईडी बनाने की अपील की जा रही है.क्या होता है आभा आईडी
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत सरकार द्वारा आभा आईडी एक तरह का हेल्थ आईडी कार्ड है, जो हेल्थ का पूरा डाटा रखता है. यह कार्ड यूजर्स को अपने हेल्थ से जुड़ी जानकारी डिजिटली हॉस्पिटल, क्लिनिक और बीमा कंपनी के साथ शेयर करने की अनुमति देता है. आभा हेल्थ कार्ड में 14 नंबर होते हैं.आभा कार्ड के फायदे
आभा हेल्थ कार्ड यूजर्स को डिजिटली फ्री एक्सेस देता है. इसके तहत कहीं भी इलाज कराने पर पुराने कागज और बीमारी के बारे में डॉक्टर को बताने की आवश्यकता नहीं होगी. डॉक्टर हेल्थ कार्ड देखकर ही जान सकेंगे कि किन चीजों का कहां-कहां इलाज कराया गया है और मरीज की स्थिति कैसी है. आभा कार्ड ऑप्ट इन ओर ऑप्ट आउट की सुविधा देता है. यूजर्स को स्वास्थ्य संबंधी सभी योजनाओं का लाभ दिया जाता है. कोई भी व्यक्ति आभा कार्ड बनवा सकता है. यह भी पढ़ें: धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-charges-could-not-be-framed-against-mla-dhullu-mahto/">धनबाद: विधायक ढुल्लू महतो के खिलाफ नहीं हो सका आरोप तय [wpse_comments_template]

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