Dhanbad : जिले के मैथन रोड स्थित झिलिया पुल निर्माण कार्य के दौरान बनाया गया अस्थायी डायवर्सन मंगलवार देर रात हुई तेज बारिश में एक बार फिर बह गया. लगातार तीसरी बार डायवर्सन ध्वस्त होने से आसपास के हजारों लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया है. ग्रामीणों ने निर्माण एजेंसी और लोक निर्माण विभाग (PWD) पर लापरवाही का आरोप लगाया है. साथ ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और जल्द से जल्द सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है.

जानकारी के अनुसार, झिलिया पुल निर्माण के दौरान यातायात सुचारू रखने के लिए अस्थायी डायवर्सन बनाया गया था. लेकिन तेज बारिश और पानी के तेज बहाव को यह डायवर्सन झेल नहीं सका और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. इसके चलते आसपास के कई गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया है.

डायवर्सन बह जाने से इस मार्ग से प्रतिदिन आने-जाने वाले कारखाना कर्मियों, स्कूली बच्चों, मरीजों और दैनिक यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है .टोटो, ऑटो समेत छोटे वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप हो गया है. जबकि लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबा वैकल्पिक रास्ता तय करना पड़ रहा है.

स्थानीय लोगों का आरोप है कि डायवर्सन का निर्माण शुरू से ही कमजोर और मानकों के विपरीत किया गया था. इसकी गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने कई बार संवेदक एवं पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को अवगत कराया था. लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. परिणामस्वरूप बारिश में लगातार तीसरी बार डायवर्सन बह गया.

स्थानीय मुखिया तनवीर आलम ने कहा कि निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही का खामियाजा आम जनता भुगत रही है. वहीं ग्रामीण नागेंद्र कुमार ने पुल निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार संवेदक और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मजबूत वैकल्पिक मार्ग और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे.