Nirsa : श्री राधा कृष्ण प्रेम मंदिर के तत्वावधान में गोविंदपुर की दुदानी कॉलोनी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन 13 फरवरी को कथावाचक सुरेन्द्र हरिदास जी महाराज ने भगवान के वामन अवतार का विस्तार पूर्वक वर्णन किया. इस दौरान राजा बलि का उत्सव धूमधाम से मनाया गया. युवाओं का मार्गदर्शन करते हुए महाराज जी ने कहा कि अपने किए हुए कार्यों की प्रशंसा खुद से कभी नहीं करनी चाहिए. क्योंकि जो व्यक्ति अपने किए की प्रशंसा खुद करता है, समाज उसे अनदेखा कर देता है. इसलिए अच्छे कर्म करें, समाज खुद आपकी प्रशंसा करेगा. वामन अवतार की चर्चा करते हुए महाराज जी ने कहा कि वामन अवतार की कहानी असुर राज महाबलि से प्रारम्भ होती है. महाबलि प्रह्लाद के पौत्र और विरोचना के पुत्र थे. वह महान शासक थे. प्रजा उनसे बहुत स्नेह करती थी. पितामह प्रह्लाद और दैत्य गुरु शुक्राचार्य ने उन्हें वेदों का ज्ञान दिया था. कथा को सफल बनाने में प्रमुख यजमान परिवार संजय अग्रवाल, उनकी पत्नी अनीता अग्रवाल, दिनेश मंडल, उनकी पत्नी रुबी मंडल, विमलेश सिंह, ललिता सिंह, रामप्रसाद अग्रवाल, शिशिर भगत, कपिल सिंह, निश्चित दास, प्रदीप साव, रवि साव, संजय भगत, शत्रुघ्न साव, धनंजय सिंह आदि सहयोग कर रहे हैं. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-cousin-pintu-accused-in-the-murder-of-recovery-agent-upendra-surrenders-in-the-court/">धनबाद
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