Dhanbad: जिले के सभी अल्ट्रासाउंड सेंटर के चिकित्सक एवं कर्मियों को अब साल में कम से कम एक बार प्रशिक्षण लेना होगा. इतना ही नहीं, अल्ट्रासाउंड सेंटर पर आने वाली गर्भवती महिला के रिपोर्ट के अलावा हर प्रकार के टेस्ट की संख्या भी बतानी होगी. यह आदेश बुधवार को उपायुक्त संदीप सिंह ने दिया . पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के लिए बनाई गई जिला सलाहकार समिति के साथ समीक्षा बैठक के बाद यह जानकारी दी गई. पोर्टेबल मशीन नहीं : उपायुक्त ने कहा कि नेशनल इंस्पेक्शन एंड मॉनिटरिंग कमिटी (एनआईएमसी) से प्राप्त दिशा - निर्देश के आलोक में किसी भी अल्ट्रासाउंड सेंटर में पोर्टेबल मशीन नहीं हो, यह समिति सुनिश्चित करेगी. इसके लिए सभी सेंटरों से एक शपथपत्र भी लिया जाएगा. इस दौरान सदर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित कर सभी प्रकार की बीमारियों की जांच का निर्णय लिया गया. बैठक में फार्म `एफ` ऑनलाइन भरने, रजिस्ट्रेशन एवं रिन्यूअल के लिए प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की गई. बैठक में सिविल सर्जन डॉ श्याम किशोर कांत, नोडल पदाधिकारी डॉ राजकुमार सिंह, आईआरआईए डॉ मनीष कुमार, डॉ प्रणय, डॉ विकास कुमार राणा, कार्यपालक दंडाधिकारी कुमार बंधु कच्छप, साधन एनजीओ से श्वेतांबरा पाठक उपस्थित थीं . यह भी पढें : नगर">https://lagatar.in/dhanbad-municipal-corporation-has-been-searching-for-land-for-years-many-projects-stuck/">नगर
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