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धनबाद :  डीएसई बोले- स्‍कूलों ने पढ़ाई को बनाया कचरा, फीस बढ़ने से बच्‍चे कुंठित

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Dhanbad : धनबाद के 15 निजी स्‍कूलों में बच्‍चों की फीस में मनमाना बढ़ोतरी के मामले में जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) इंद्र भूषण सिंह ने शुक्रवार, 8 अप्रैल को सुनवाई की. इसमें डीएवी पब्‍लि‍क स्‍कूल कोयलानगर, धनबाद पब्ल‍िक स्‍कूल सहित धनबाद जिले के आरोपी सभी स्‍कूलों के प्राचार्य व उनके प्रतिनिधि शामिल हुए. प्राचार्यों की दलीलें सुनकर डीएसई भड़क गए. कहा कि पढ़ाई को आपलोगों ने कचरा बनाकर रख दिया है. फीस में बेतहाशा बढ़ोतरी से बच्चे कुंठित हो रहे हैं. ऐसे में उनकी पढ़ाई चौपट हो जाएगी. डीएसई ने स्‍कूलों को नसीहत दी कि ‍फीस को लेकर बच्‍चों को मानसिक तनाव नहीं दें. स्‍कूलों पर सरकार के आदेश की अवहेलना कर कोरोना काल में ट्यूशन फीस के साथ सभी प्रकार के शुल्‍क लेने का आरोप है. वहीं, नए सत्र में बिना शुल्क समिति से सहमति लिए ट्यूशन फीस बढ़ाने का भी आरोप है. करीब दो घंटे तक चली बैठक में डीएसई ने 15 स्कूलों के प्राचार्यों को बारी-बारी से उन पर लगे आरोपों को पढ़कर सुनाया और उनकी दलीलें भी सुनीं. लेकिन कोई निष्कर्ष नही निकल सका. डीएसई ने मीडिया को बताया कि स्‍कूलों से बात हुई है. इसे जिला प्रारंभिक शिक्षा समिति के पास रखा जाएगा.

स्‍कूलों का जवाब- फीस नहीं लेंगे, तो वेतन कैसे देंगे  

सुनवाई में डीएवी ग्रुप के स्‍कूलों के प्राचार्यों ने कहा कि ट्यूशन फीस अगर नहीं लेंगे तो शिक्षकों का वेतन भुगतान नहीं कर पाएंगे. नियमावली 1006 की कंडिका 2 के अनुसार अगर ट्यूशन फीस लेते हैं, तो कंडिका 7 का पालन नहीं कर पाएंगे. डीएवी जामाडोबा के प्राचार्य टीके मिश्रा ने कहा कि हम उतनी ही फीस लेते हैं, जिससे स्कूल चला सकें. डीएवी कुसुंडा के प्रचार्य हाजरा ने कहा कि कंडिका 2 और 7 में मामला फंसा हुआ है. कंडिका 2 में फीस नहीं लेना है और कंडिका 7 में शिक्षकों का वेतन भुगतान भी जरूरी है. यह दोनों कैसे संभव है.धनबाद पब्लिक स्कूल ने कहा कि सत्र 2020-21 में बच्‍चों से सिर्फ ट्यूशन फीस ही ली गई है. वहीं, सत्र 2021-22 में समिति की ओर से निर्धारित शुल्‍क लिया गया है. राजकमल स्कूल के प्राचार्य ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि हम नियम 1006 का पालन कर रहे हैं. ऑनलाइन क्लास में सिर्फ  ट्यूशन फीस ली गई है. जबकि ऑफलाइन क्‍लास के दौरान समानुपातिक ढंग से फीस ले रहे हैं. अगर किसी अभिभावक को दिक्कत है, तो वह आकर मिले.

सुनवाई में इन स्‍कूलों ने लिया भाग

सुनवाई में डीएवी पब्लिक स्कूल कोयलानगर,  डीएवी सिजुआ, डीएवी सीएफआरआई, डीएवी बनियाहीर, डीएवी मुगमा, डीएवी महुदा, डीएवी जामाडोबा, डीएवी कुसुंडा, डीएवी मुनीडीह, डीएवी बरोरा, डीएवी सिंदरी, धनबाद पब्लिक स्कूल केजी आश्रम, धनबाद पब्लिक स्कूल हीरक ब्रांच और राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर, राजकमल सरस्वती शिशु मंदिर के प्रचार्य या उनके प्रतिनिधि शामिल हुए. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=285304&action=edit">यह

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