किसान कहते हैं, इस वर्ष नहीं होगी पैदावार
बलियापुर निवासी लखीराम महतो, राम प्रसाद महतो, शिव प्रसाद महतो, रूपन महतो, रामचंद्र गोराई सहित कई किसानों ने हतोत्साहित भाव से बताया कि खेतों में बोये गए ज्यादातर बिचड़े (आफर) सूख गए हैं. धनरोपनी का समय भी बीत रहा है. बारिश नहीं होने से खेतों में पानी नहीं जम रहा है, तो धान की रोपाई नहीं की जा सकी है. अगर आगे बारिश भी होती है तो अन्य वर्षों की भांति धान की पैदावार संभव नहीं है.मवेशियों के लिए आहार का भी होगा संकट
धान की पैदावार नहीं होने का प्रभाव किसानों के अलावा खेती के लिए पाले गए बैल सहित अन्य पशुओं पर भी पड़ेगा. बैलों को आहार के रूप में बिचाली दी जाती है. धान नहीं होगा तो बिचाली भी नहीं होंगे. मवेशियों को खिलाने के लिए अन्य राज्यों से ऊंची कीमत पर बिचाली मंगाना पड़ेगा, जो हर किसान के लिए संभव नहीं है. किसानों ने सरकार से मांग की है कि उचित व्यवस्था की जाए.उपज में कमी नहीं होगी : डॉ एलके दास
कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ ललित कुमार दास ने बताया कि किसानों को हतोत्साहित होने की जरूरत नहीं है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगस्त और सितंबर में अच्छी बारिश होगी. इसलिए किसान जिस तरह से गेहूं की सीधी बुनाई करते हैं, उसी तरह से धान की भी सीधी बुनाई करें तो पैदावार में कमी नहीं होगी. हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि किसान अगर रोपनी विधि से धान की उपज करेंगे तो जितनी उपज होनी चाहिए, उतनी उपज नहीं होगी. यह भी पढ़ें: धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-lord-shivas-procession-came-out-from-the-bhuli-durga-temple-courtyard/">धनबाद:भूली दुर्गा मंदिर प्रांगण से निकली भगवान शिव की बारात [wpse_comments_template]

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