Maithon : डीवीसी प्रबंधन द्वारा शेष बचे विस्थापितों को नौकरी के बदले 4.50 लाख रुपए मुआवजा राशि देने की घोषणा का विरोध शुरू हो गया है. विस्थापित नेता और ऑल वैली वास्तुहारा संग्राम समिति के अध्यक्ष वासुदेव महतो ने सोमवार को कहा कि डीवीसी प्रबंधन की इस घोषणा को विस्थापित नहीं मानेंगे. प्रबंधन बाकी बचे विस्थापितों को नौकरी के बदले 15 लाख रुपये एकमुश्त मुआवजा राशि दे. साथ ही अन्य विस्थापितों को पेंशन राशि भी देनी होगी. उन्होंने कहा कि डीवीसी प्रबंधन अन्य मामलों में 15 लाख रुपए मुआवजा राशि और पेंशन दोनों देता है, तो विस्थापितों के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है. यदि प्रबंधन ने उनकी बातों पर अमल नहीं किया, तो 10 जुलाई से डीवीसी मैथन के प्रशासनिक भवन के समक्ष जोरदार धरना-प्रदर्शन किया जाएगा.
https://lagatar.in/wp-content/uploads/2024/06/blood-don-272x181.jpg"
alt="" width="272" height="181" /> रक्तदान करते संस्था के सदस्य[/caption] Maithon : चिरकुंडा निवासी मरीज सुभाष शर्मा (60) के शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा मात्र 3.1 ग्राम रह गई थी. उच्च थाइराइड से पीड़ित व खून की कमी जूझ रहे मरीज को परिजनों ने गंभीर स्थिति में कुमारधुबी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था. डॉक्टरों ने तत्काल दो यूनिट बी पॉजिटिव खून की व्यवस्था करने को कहा. बताया कि यदि खून नहीं चढ़ाया गया, तो मरीज को बचाना मुश्किल हो सकता है. यह सुन परिजन घबरा गए. चिरकुंडा निवासी श्यामलाल अग्रवाल ने इसकी जानकारी सामाजिक संस्था समर्पण एक नेक पहल के जिला अध्यक्ष मनोज कुमार मंडल को दी. मंडल ने तत्परता दिखाते हुए संस्था के सक्रिय सदस्य रक्तदाता नजरुल को रक्तदान के लिए आग्रह किया तथा दूसरी यूनिट के लिए चन्दन साव से संपर्क किया. दोनों रक्तवीरों ने रक्तदान कर मरीज की जान बचाई. अब मरीज की हालत पहले से बेहतर है. परिजनों ने संस्था के सदस्यों का आभार जताया है. यह भी पढ़ें : आरएसएस">https://lagatar.in/rss-chief-bhagwat-reaches-bokaro-will-stay-for-three-days/">आरएसएस
प्रमुख भागवत पहुंचे बोकारो, तीन दिनों तक करेंगे प्रवास [wpse_comments_template]
समर्पण संस्था ने रक्तदान कर गंभीर मरीज की बचाई जान
[caption id="attachment_900083" align="aligncenter" width="272"]alt="" width="272" height="181" /> रक्तदान करते संस्था के सदस्य[/caption] Maithon : चिरकुंडा निवासी मरीज सुभाष शर्मा (60) के शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा मात्र 3.1 ग्राम रह गई थी. उच्च थाइराइड से पीड़ित व खून की कमी जूझ रहे मरीज को परिजनों ने गंभीर स्थिति में कुमारधुबी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था. डॉक्टरों ने तत्काल दो यूनिट बी पॉजिटिव खून की व्यवस्था करने को कहा. बताया कि यदि खून नहीं चढ़ाया गया, तो मरीज को बचाना मुश्किल हो सकता है. यह सुन परिजन घबरा गए. चिरकुंडा निवासी श्यामलाल अग्रवाल ने इसकी जानकारी सामाजिक संस्था समर्पण एक नेक पहल के जिला अध्यक्ष मनोज कुमार मंडल को दी. मंडल ने तत्परता दिखाते हुए संस्था के सक्रिय सदस्य रक्तदाता नजरुल को रक्तदान के लिए आग्रह किया तथा दूसरी यूनिट के लिए चन्दन साव से संपर्क किया. दोनों रक्तवीरों ने रक्तदान कर मरीज की जान बचाई. अब मरीज की हालत पहले से बेहतर है. परिजनों ने संस्था के सदस्यों का आभार जताया है. यह भी पढ़ें : आरएसएस">https://lagatar.in/rss-chief-bhagwat-reaches-bokaro-will-stay-for-three-days/">आरएसएस
प्रमुख भागवत पहुंचे बोकारो, तीन दिनों तक करेंगे प्रवास [wpse_comments_template]
Leave a Comment