Dhanbad : पद का दुरुपयोग कर राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनएचआरएम) के छह करोड़ 97 लाख 43 हजार 832 रुपये के गबन मामले के आरोपी प्रमोद कुमार सिंह के दो ठिकानों पर मंगलवार को ईडी की टीम ने दबिश दी. करीब दस घंटे तक जांच एजेंसी ने प्रमोद के दोनों ठिकानों पर तलाशी ली. टीम ने कई दस्तावेज जब्त किए हैं. इस दौरान प्रमोद वहां मौजूद नहीं था. जांच एजेंसी ने उसे 21 अगस्त को रांची कार्यालय में बुलाया है. टीम अपने साथ प्रिंटर मशीन लेकर आई थी. इस प्रिंटर मशीन के माध्यम से कई दस्तावेजों को साक्ष्य के तौर पर एकत्र किए जाने की बात कही जा रही है. टीम में करीब दस लोग शामिल थे और चार वाहनों के काफिले के साथ टीम सुबह पहुंची थी. देर शाम टीम छानबीन के बाद यहां से निकल गई.
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अनुबंध कर्मचारी होकर भी करोड़ों का किया घोटाला
प्रमोद कुमार पीएचसी झरिया में अनुबंध पर कार्यरत था. उसके खिलाफ एनआरएचएम के विभिन्न कार्यक्रमों के एवज में आवंटित करोड़ों रुपए के फंड के गबन का आरोप है. इस पूरे प्रकरण को ईडी मनी लांड्रिंग के बिंदु पर जांच कर रही है. ईडी प्रमोद कुमार सिंह पर पूर्व में एसीबी धनबाद व रांची में दर्ज दो अलग-अलग कांडों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है. प्रारंभिक जांच के बाद एसीबी धनबाद ने प्रमोद कुमार सिंह के विरुद्ध आठ जून 2016 को कांड संख्या 46/2016 दर्ज किया था. उक्त प्राथमिकी के अनुसार प्रमोद कुमार सिंह पीएचसी झरिया में 17 हजार रुपये मासिक वेतन पर ब्लॉक खाता प्रबंधक के पद पर कार्यरत था. वर्ष 2008 से 2012 तक वह सिर्फ कैशबुक व रजिस्टर ही मेंटेन करता था, लेकिन अप्रैल 2012 में उसे खातों से जुड़ा काम दे दिया गया. ब्लॉक खाता प्रबंधक के रूप में उसे संविदा आधारित कर्मचारियों को वेतन देना था. इसके अलावा सीएमओ या जिला स्वास्थ्य सोसायटी से प्राप्त निर्देशों के अनुसार लाभार्थियों को धन वितरित करना था. आरोप है कि प्रमोद को एनआरएचएम निधि खर्च करने के लिए अधिकृत किया गया था. उसने पद का दुरुपयोग कर एनआरएचएम निधि से 6.97 करोड़ रुपये का गबन कर लिया. एनआरएचएम निधि की राशि को उसने अपने सहयोगियों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया और उन खाता धारकों से नकद निकासी करवाकर रुपये ले लिये. इस राशि से अपने सहयोगियों के नाम पर वाहन खरीदा और उसका इस्तेमाल किया. बाद में उसका मालिकाना हक अपनी पत्नी प्रिया सिंह के नाम पर करवा दिया. एनआरएचएम फंड के दुरुपयोग और पीएचसी झरिया व जोड़ापोखर, सिविल सर्जन धनबाद और वहां तैनात कर्मचारियों की भूमिका के लिए प्रमोद कुमार सिंह के विरुद्ध एसीबी रांची ने भी 26 अगस्त 2019 को कांड संख्या 15/2019 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी. बाद में मामला ईडी के पास गया. फिलाहल ईडी की टीम दो बार उसके ठिकानों पर दबिश दे चुकी है. पिछली बार भी दो महंगे वाहन समेत कई दस्तावेज जब्त कर टीम ले गई थी. यह भी पढ़ें : अंतरराष्ट्रीय">https://lagatar.in/jharkhand-team-is-champion-in-the-international-subroto-cup-football-competition-under-17-girls-category/">अंतरराष्ट्रीयसुब्रतो कप फुटबॉल प्रतियोगिता अंडर 17 बालिका वर्ग में झारखंड की टीम चैंपियन [wpse_comments_template]
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