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धनबाद:  कैथलैब में इमरजेंसी को शिफ्ट करने की कवायद तेज, अधीक्षक ने किया निरीक्षण

ऑक्सीजन सप्लाई, बिजली, पानी व कैथलैब तक पहुंचने वाले रास्तों का लिया जायजा

Dhanbad :  शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सेंट्रल इमरजेंसी को कैथलैब में शिफ्ट करने की तैयारी जोर-शोर से की जा रही है. 60 बेड का इमरजेंसी को 100 बेड बनाने की योजना बन गई है. एक बार फिर सोमवार 25 सितंबर को अस्पताल अधीक्षक डॉ अनिल कुमार कैथलैब पहुंचे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया. उन्होंने ऑक्सीजन सप्लाई, बिजली, पानी और कैथलैब तक आने वाले रास्ते पर चिंतन किया. इमरजेंसी सेवा शुरू करने के लिए सबसे पहली जरुरत ऑक्सीजन सप्लाई कर रही एजेंसी के प्रतिनिधि को बुलाकर अधीक्षक ने पाइपलाइन की जानकारी ली. उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन पाइप लाइन सभी बेड पर होनी चाहिए. बिजली कनेक्शन पर भी चर्चा हुई. बिजली कनेक्शन व सप्लाई की व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया. इसके अलावा पानी की व्यवस्था भी जरूरी है. अधीक्षक ने कहा कि पानी का कनेक्शन माइनर और मेजर ओटी में होना चाहिए.

  इमरजेंसी तक पहुंचने के लिए बनाना होगा रास्ता

संट्रल इमरजेंसी को कैथलैब में शिफ्ट करने के पहले एंबुलेंस और स्ट्रेचर का वहां तक पहुंचना जरूरी होगा. इमरजेंसी में गंभीर मरीज आते हैं तो एंबुलेंस व स्ट्रेचर सुगमता से कैथ लैब पहुंचे, इसकी भी तैयारी करनी होगी. बताते चलें कि कैथलैब तक पहुंचने के लिए एक ही रास्ता है. गर्ल्स हॉस्टल तक तो रास्ता बना हुआ है, लेकिन उससे नीचे कैथलैब तक आने के लिए रास्ता सही नहीं है. बताया कि रास्ता बनवाने के लिए उपायुक्त से आग्रह किया है.

   इनडोर में शिफ्ट करना होगा मुश्किल

अधीक्षक ने मरीजों को इनडोर तक पहुंचाने पर विचार किया. स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि कैथलैब से इनडोर में शिफ्ट करना मुश्किल होगा.  वजह है कि इनडोर जाने वाले रास्ते से कैथलैब तक रास्ता ही नहीं हैय अगर इनडोर जाने के लिए रास्ता नहीं होगा तो फिर मरीजों को विभिन्न विभाग में शिफ्ट कैसे किया जाएगा. मरीजों को इनडोर तक ले जाने के लिए एक मात्र साधन स्ट्रेचर है, मगर उसके लिए रास्ता ही सुगम नहीं है. [wpse_comments_template]

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