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धनबाद: बीबीएमकेयू के आठ कॉलेज प्रभार पर, सिर्फ दो में स्थायी प्राचार्य

Neeraj kumar Dhanbad: धनबाद (Dhanbad) बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (बीबीएमकेयू) के 10 कॉलेजों में केवल दो कॉलेज में स्थायी प्राचार्य हैं. शेष सभी आठ कॉलेज प्रभार पर चल रहे हैं. स्थायी प्राचार्य नहीं होने का खामियाजा यहां के विद्यार्थियों, सिस्टम, कार्य की प्रगति से लेकर नैक एक्रिडिटेशन में मिलने वाले ग्रेड पर भी पड़ता है. बावजूद विवि को कोई फर्क नहीं पड़ता. विवि यह कह कर पल्ला झाड़ लेता है कि यह काम तो राज्य सरकार का है. बता दें कि सिस्टम की ख़ामी, नाकामी या लापरवाही की वजह से बीबीएमकेयू खुद नौ महीने तक प्रभारी कुलपति के सहारे था. विवि को प्रति कुलपति भी लगभग डेढ़ वर्ष के बाद नसीब हुआ है. कुलपति और प्रभारी कुलपति के नहीं रहने की वजह से विवि के कई कार्य प्रभावित हो रहे थे.

  नवंबर 2017 में मिले थे तीन स्थायी प्राचार्य

बता दें कि बीबीएमकेयू की स्थापना 23 मार्च 2017 को हुई थी. इसके बाद नवंबर 2017 में जेपीएससी ने स्थायी प्राचार्य के 47 पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किये थे लेकिन इनमें से मात्र 25 प्राचार्यों की नियुक्ति की अनुशंसा हो सकी थी. इनमें से तीन स्थायी प्राचार्य बीबीएमकेयू को मिले थे. वर्तमान में पीके रॉय कॉलेज के प्राचार्य डॉ बीके सिन्हा, एसएसएलएनटी महिला कॉलेज की प्राचार्य डॉ शर्मीला रानी हैं. एसएसएलएनटी कॉलेज की पूर्व प्राचार्य डॉ रेणुका ठाकुर ने व्यक्तिगत कारण बताते हुए अपना स्थानांतरण रांची विश्वविद्यालय में करा लिया, वह भी अब रिटायर्ड हो चुकी हैं. अब बीबीएमकेयू में मात्र दो स्थायी प्राचार्य बचे हैं.

  बीबीएमकेयू के ये कॉलेज हैं प्रभार पर

बीबीएमकेयू के अंतर्गत आरएसपी कॉलेज झरिया, आरएस मोर कॉलेज गोविंदपुर, बीएसके कॉलेज मैथन, सिंदरी कॉलेज सिंदरी, कतरास कॉलेज कतरासगढ़, बीएस सिटी कॉलेज बोकारो, चास कॉलेज चास और केबी कॉलेज बेरमो प्रभार पर चल रहे हैं. इनमें से कई कॉलेज तो पिछले एक दशक से एक के बाद एक प्रभार पर ही चल रहे हैं.

 राज्य सरकार को भेजा है डिमांड: कुलपति

बीबीएमकेयू के कुलपति डॉ सुखदेव भोई कहते हैं कि "स्थायी प्राचार्य की नियुक्ति राज्य सरकार की अनुशंसा पर जेपीएससी की ओर से सारी प्रक्रिया पूरी कर की जाती है. विश्वविद्यालय की ओर से आठ पुराने कॉलेज और तीन नए मॉडल कॉलेजों के लिए स्थायी प्राचार्य की मांग की गई है. इसके लिए विवि की ओर से राज्य सरकार को डिमांड भेजा गया है. विवि अपने स्तर से रोजमर्रा के काम निपटाने के लिए कॉलेज के वरीय प्रोफ़ेसर को प्रभारी के रूप में नियुक्त करता है. यह भी पढ़ें: धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-police-caught-two-youths-with-desi-katta/">धनबाद:

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