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धनबाद:  मोहलबनी में विद्युत शवदाह गृह बन कर तैयार, नहीं खत्म हो रहा उद्घाटन का इंतजार

Ranjit Kumar singh Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) धनबाद नगर निगम द्वारा 15 वें वित्त आयोग से वार्ड 50 अंतर्गत 25 अगस्त 2021 को सुदामडीह थाना अंतर्गत मोहलबनी घाट पर विद्युत शवदाह गृह का शिलान्यास झरिया विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह ने किया था. 1 करोड़ 56 लाख की लागत से शवदाह गृह बनकर तैयार हो गया है. बावजूद घाट पर अंतिम संस्कार के लिए लोग इस शवदाह गृह की सुविधा से वंचित हैं. क्योंकि शवदाह गृह का विधिवत उद्घाटन नहीं हुआ है.

   दूसरी टेस्टिंग होते ही हो जाएगा उद्घाटन : जेई

[caption id="attachment_402376" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/08/shav-dah-300x207.jpeg"

alt="" width="300" height="207" /> विद्युत शवदाहगृह का हीटर[/caption] विद्युत शवदाहगृह का निर्माण करनेवाले ठेकेदार दिवाकर से लगातार संवादाता ने बातचीत की. ठेकेदार ने कहा कि विद्युत शवदाह गृह का काम समय पर पूरा कर धनबाद नगर निगम को सौंप दिया गया है. अभी तक उद्घाटन क्यों नहीं हुआ, इसकी जानकारी नहीं है. जेई आनंद से संपर्क किया. उन्हीं की देख रेख में शवदाह गृह निर्माण कार्य हो रहा था. उन्होंने कहा कि दिल्ली की टीम द्वारा विद्युत शवदाहगृह में लगी मशीन की टेस्टिंग की जा रही है. पहली टेस्टिंग हो चुकी है. दूसरी टेस्टिंग होते ही विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह से उद्घाटन करा दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि अब तक विद्युत शवदाहगृह में अंतिम संस्कार के लिए शुल्क तय नहीं किया गया है.

  महंगी लकड़ी की जरूरत नहीं पड़ती

स्थानीय निवासी दुर्योधन बावरी ने कहा कि झरिया के मोहलबनी घाट में झारखंड का सबसे बड़ा शवदाहगृह बनकर तैयार तो हो गया है, मगर उद्घाटन नहीं हुआ है. अगर उद्घाटन हो जाता तो अंतिम संस्कार के लिए लोगों को महंगी लकड़ी की जरूरत नहीं पड़ती. घंटों का काम मिनटों में होता और वक्त की भी बचत होती.

   पर्यावरण व नदी का पानी भी हो रहा दूषित

अब्दुल कलाम और बबलू ने कहा कि दामोदर नदी स्थित मोहलबनी घाट पर अंतिम संस्कार के लिए पूरे जिले से लोग पहुंचते हैं. पर्यावरण के साथ नदी का पानी भी दूषित हो रहा है. दूसरा कोई विकल्प भी नहीं है. उन्होंने कहा कि बरसात और गर्मी में अंतिम संस्कार करना काफी मुश्किल हो जाता है. गर्मी में नदी का पानी घाट से काफी दूर चला जाता है और बरसात में घाट ही डूब जाता है. ऐसे में विद्युत शवदाहगृह राहत दे सकता है. उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द शवदाहगृह का उद्घाटन होना चाहिए, ताकि पर्यावरण के साथ दामोदर नदी का पानी भी दूषित होने से बचे और पेंड की कटाई पर भी अंकुश लगे. यह भी पढ़ें: धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-deadly-attack-on-ips-alok-priyadarshi-commandant-of-zap-3-accused-arrested/">धनबाद:

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