अनट्रेंड लोगों से लिया जा रहा काम
विभाग में लंबे समय से बहाली नहीं हुई है. प्रतिवर्ष दर्जनों कर्मी सेवानिवृत्त हो रहे हैं. ऐसे में बिजली विभाग में निजी एजेंसी के अनट्रेंड बिजली मिस्त्री रखकर कार्य लिया जा रहा है. इन्हें न तो विभाग ने और न ही एजेंसी ने सुरक्षा उपकरण मुहैया कराए हैं. इससे काम के दौरान अनहोनी की आशंका हमेशा बनी रहती है. यही नहीं दुर्घटना होने पर घायल के इलाज के लिए किसी प्रकार की सुविधा और मृतक के परिजनों को आर्थिक मदद भी नहीं मिलती है. यह भी पढ़ें :">https://lagatar.in/dhanbad-fire-in-the-forest-of-aralgadia-township-near-putki-major-accident-averted/">धनबाद : पुटकी के पास अरलगड़िया बस्ती के जंगल में आग, बड़ा हादसा टला
ये सुरक्षा उपकरण जरूरी
लाइन में कार्य करते वक्त बिजली कर्मचारी, मिस्त्री या हेल्पर के पास सुरक्षा उपकरण होना जरूरी है. इनमें दोनों हाथों में पहनने के लिए नायलॉन के लांग ग्लव्स, बूट, हेलमेट कैप, टेस्टर, टॉर्च, झूला, सीढ़ी और सूती कपड़े का होना बहुत जरूरी है. इसके साथ ही पोल या ऊंचाई पर काम करते वक्त सेफ्टी बेल्ट लगाना भी बहुत जरूरी है. लेकिन धनबाद जिले में बिजली रिपेयरिंग कार्य के दौरान ऐसे सुरक्षा उपकरणों का अभाव दिखता है.मुख्यालय से मांगे हैं सुरक्षा उपकरण : कार्यपालक अभियंता
इस संबंध में पूछे जाने पर जेवीबीएनल, धनबाद के कार्यपालक अभियंता शैलेन्द्र भूषण तिवारी ने कहा कि बिजली मिस्त्री को समय-समय पर सुरक्षा उपकरण मुहैया कराया जाता है. मुख्यालय से भी जरूरी सुरक्षा उपकरणों की मांग की गई है. आने के साथ ही कर्मियों को उपलब्ध करा दिया जाएगा. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-house-caught-fire-while-cooking-in-rajganj-loss-of-thousands/">धनबाद: राजगंज में खाना बनाते समय घर में लगी आग, हजारों का नुकसान [wpse_comments_template]

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