Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) अतिक्रमणकारियों ने शहर के फुटपाथ पर भी कब्जा जमा लिया है. यातायात को सुगम व निरापद बनाने के लिए बनाए गए फुटपाथ पर या तो छोटी-मोटी दुकानें चल रही हैं या फिर वाहन पड़ाव बने हुए हैं. कुछ फुटपाथ टूट-फूट कर अपना अस्तित्व ही खोते जा रहे हैं. न रहेगा बांस, न बजेगी बांसुरी. अब तो ज्यादातर लोगों को पता भी नहीं है कि धनबाद में फुटपाथ भी है. रेलवे स्टेशन रोड, पूजा टाकीज रोड, बेकार बांध, लुबी सर्कुलर रोड, बरवा रोड, स्टील गेट, बैंक मोड़- मटकुरिया रोड, हाउसिंग कालोनी में लोगों के आने जाने के लिए फुटपाथ बना है. जब भी सड़क बनती है, उसके साथ फुटपाथ पर नया पेबर ब्लॉक बिछाया जाता है. परंतु उपयोग होने से पहले ही स्थानीय दुकानदारों का स पर कब्जा हो जाता है. कुछ जगहों पर ठेला और तंबू लगाकर चाय, नाश्ता, हेलमेट की दुकान चलाई जा रही है. यह काम वर्षो से हो रहा है. हालत यह है कि इसके लिए पैसे की उगाही भी हो रही है.
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alt="" width="135" height="300" /> सड़क किनारे टूटा फुटपाथ[/caption] फुटपाथ बनाने के नाम पर भी गड़बड़ियां भी खूब होती हैं. शायद बनाने वालों को भी पता होता है कि इसका उपयोग पैदल चलने के लिए नहीं होगा. इसलिए घटिया सामग्री का जम कर उपयोग होता है. हालत यह है कि फुटपाथ पर बिछाए जाने वाले पेबर ब्लॉक एक-दो माह बाद ही टूटने लगते हैं. हाउसिंग कॉकालोनी और लुबी सर्कुलर रोड में बिछाए गए पेबर ब्लॉक तो कई जगह टूट भी चुके हैं.
कुछ माह पूर्व हुई थी नो वेंडिंग जोन की घोषणा
तीन माह पहले नगर आयुक्त ने लुबी सर्कुलर रोड को नो वेंडिंग जोन घोषित किया था. रणधीर वर्मा चौक से डीआरएम बिल्डिंग तक भी ऐसी ही घोषणा की गई थी. कहने का मतलब था कि इन जगहोंपर किसी तरह की दुकानों का संचालन नहीं होगा. वहां नो वेंडिंग का साइन बोर्ड भी लगाने की योजना थी. परंतु एक माह बाद ही सब कुछ उलट-पुलट हो गया. दुकानें भी चलने लगी व सड़क पर जहां तहां गाडियां भी पार्क होने लगी. इधर घोषणा के बाद अधिकारी भी इस बात को भूल चुके है.बनने के साथ ही उखड़ने लगता है पेबर ब्लॉक
[caption id="attachment_640210" align="aligncenter" width="135"]alt="" width="135" height="300" /> सड़क किनारे टूटा फुटपाथ[/caption] फुटपाथ बनाने के नाम पर भी गड़बड़ियां भी खूब होती हैं. शायद बनाने वालों को भी पता होता है कि इसका उपयोग पैदल चलने के लिए नहीं होगा. इसलिए घटिया सामग्री का जम कर उपयोग होता है. हालत यह है कि फुटपाथ पर बिछाए जाने वाले पेबर ब्लॉक एक-दो माह बाद ही टूटने लगते हैं. हाउसिंग कॉकालोनी और लुबी सर्कुलर रोड में बिछाए गए पेबर ब्लॉक तो कई जगह टूट भी चुके हैं.
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