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धनबाद : कारखाना नीलामी के एक वर्ष बाद भी मजदूरों को नहीं मिली बकाया राशि

केएमसीईएल के मजदूरों ने बनाई आंदोलन की रणनीति

Maithon : मैथन स्थित केएमसीईएल कारखाना की नीलामी के करीब एक साल बाद भी कंपनी के एक हजार मजदूरों को अब तक बकाया का भुगतान नहीं हुआ है. इससे मजदूरों के परिवार गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं. मजदूरों ने झामुमो चिरकुंडा नगर अध्यक्ष रंजीत बाउरी के साथ जगन्नाथ मंदिर के पास बैठक कर आंदोलन की रणनीति बनाई. मजदूरों ने झामुमो नेता बाउरी को एक ज्ञापन सौंकर इसे राज्य के सीएम चंपाई सोरेन तक पहुंचाने का आग्रह किया. इस मामले को लेकर मजदूर झामुमो नेता अशोक मंडलल और जिलाध्यक्ष लखी सोरेन से भी मिल चुके हैं. मजदूरों ने कहा कि उन्हें धोखे में रखा गया. कुछ लोग नीलामी में कारखाना खरीदने वाली कंपनी से मिलकर यहां का सारा लोहा बेचवा दिए. नेताओं ने कहा था कि बकाया भुगतान किये बिना एक छटांक भी माल कारखाना से नहीं निकाला जायेगा. इसके बाद भरोसा दिलाया कि लोहा निकलने के बाद बकाया का भुगतान होगा. लेकिन अब तक उन्हें फूटी कौड़ी भी नहीं मिली. बाउरी ने कहा कि उनकी मांगों को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं तक पहुंचाएंगे. मामले से मुख्यमंत्री को भी अवगत कराया जायेगा. मौके पर उमेश पांडे, कामेश्वर राम, देवनाथ यादव, राम प्रसाद, चंद्रदेव यादव, मथुरा प्रसाद शर्मा, रामकिशुन यादव, घुरुल यादव, रामजी सागर, सत्यनारायण प्रसाद, धर्मनाथ प्रसाद, बनारसी पासवान, सुरेश प्रसाद, सुरेंद्र कुमार, देवाशीष चटर्जी, सरकार सोना, नन्द बाग, बुलीन बाध्यकर, दीपक बाउरी, अर्जुन बाउरी आदि मौजूद थे. यह भी पढ़ें : उत्तर">https://lagatar.in/uttar-pradesh-sit-declared-13-thousand-madrasas-illegal-recommended-yogi-government-to-close-them/">उत्तर

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