Ravi Chaurasia Dhanbad : आपने घरों के दरवाजे या दुकानों में नींबू व हरी मिर्च की लड़ी टंगी देखी होगी. दरअसल, दूसरों की बुरी नजर से बचने के लिए लोग यह टोटका करते हैं. पंडित-पुरोहित से नीबू व हरी मिर्च की लड़ी खरीदकर लोग शनिवार को अपने घरों के मुख्य दरवाजे पर टांग देते हैं. लेकिन दूसरों की बुरी नजरों से बचाने वाले नीबू-मिर्च की लड़ी को ही महंगाई की बुरी नजर लग गई है. धनबाद के बाजारों में नीबू 10 रुपए पीस व हरी मिर्च 100 रुपए प्रति किलोग्राम बिक रही है. ऐसे में कुछ दिन पहले तक महज ₹5 में मिलने वाली लड़ी की कीमत बढ़कर ₹20 हो गई है. दाम बढ़ने के कारण लोग लड़ी खरीदने में कम रुचि ले रहे हैं. यही वजह है कि हाल के दिनों में नीबू-मिर्च की लड़ी की बिक्री में करीब 30% की गिरावट आई है.
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पंडित-पुरोहित के धंधे पर भी असर
शहर में पिछले 5 वर्षों से घर-घर जाकर नीबू-मिर्च की लड़ी टांगने वाले देवनाथ शर्मा कहते हैं कि पहले आमतौर पर हर शनिवार को 100 घरों में नीबू-मिर्च टांगा करता था. तब लड़ी की कीमत 5 से ₹7 हुआ करती थी. लेकिन नीबू व हरी मिर्च के दाम में बेतहाशा बढ़ोतरी के कारण एक लड़ी ₹20 में बिक रही है. दाम बढ़ने से कई लोगों ने अपने घरों में लड़ी टांगने से साफ मना कर दिया है. बिक्री 30 फीसदी घट गई है. 100 में अब सिर्फ 70 लोग ही लड़ी खरीद रहे हैं. हालांकि शहर के किराना व्यवसायी अरविंद साहू कहते हैं कि भाई मेरे लिए तो नीबू-मिर्च की लड़ी जरूरी है. इसे हर शनिवार को अपनी दुकान पर टांगते हैं. यदि किसी वजह से किसी शनिवार को लड़ी नहीं टांग पाए, तो पूरे सप्ताह मन खिन्न रहता है. दुकानदारी भी प्रभावित होती है.महंगाई के कारण कम हुआ टोटके का तंत्र
एक समय था जब लोग बुरी नजरों से बचने के लिए अपने दरवाजों के सामने नीबू-हरी मिर्च, लाल मिर्च , लहसुन व काला भेलवा को धागे में पिरोकर दुकान या घर के बाहर दरवाजे पर टांग देते थे, ताकि उनके घर या धंधे को बुरी नजर न लगे. लेकिन महंगाई के कारण लड़ी से लहसुन और काला भेलवा गायब हो गया है. लड़ी में सिर्फ नीबू-मिर्च रह गया है. यही नहीं टोटके का तंत्र घटकर आधा से भी कम हो गया है.नीबू-मिर्च से वातावरण शुद्ध, लक्ष्मी का होता है वास : पंडित
पंडित सुधीर कुमार पाठक कहते हैं घरों के दरवाजों पर नीबू-मिर्च टांगने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है. इससे घर के सदस्यों पर दूसरों की बुरी नजर नहीं लगती और घर में नकारात्मक शक्तियों का प्रवेश नहीं हो पाता है. घर का वातावरण शुद्ध रहता है और लक्ष्मी का वास होता है. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=290169&action=edit">यहभी पढ़ें : धनबाद : ईद की खरीदारी शुरू, गुलजार हो रहा बाजार [wpse_comments_template]
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