संस्थान में क्रिटिकल मिनरल्स में एमटेक कोर्स जल्द होगा शुरू
Dhanbad : देश में इलेक्ट्रिक वाहन, सेमीकंडक्टर व ग्रीन एनर्जी सेक्टर के तेज विस्तार के बीच अब क्रिटिकल मिनरल्स की रणनीतिक अहमियत तेजी से बढ़ रही है. भविष्य की इन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आईआईटी-आईएसएम, धनबाद ने सत्र 2026-27 से एमटेक स्तर पर क्रिटिकल मिनरल्स सहित तीन नए कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया है. प्रत्येक कोर्स में 20 सीटें प्रस्तावित हैं.
संस्थान की सीनेट से मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही इसकी औपचारिक अधिसूचना जारी की जाएगी. संस्थान में इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए पहले ही एक अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जा चुकी है. इस केंद्र का उद्घाटन हाल ही में कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी ने किया था. संस्थान का मानना है कि लिथियम, रेयर अर्थ एलिमेंट्स व अन्य महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में विशेषज्ञ तैयार करना समय की आवश्यकता है. ताकि देश ऊर्जा सुरक्षा और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ सके.
आईआईटी-आईएसएम के डिप्टी डायरेक्टर प्रो. धीरज कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि संस्थान का माइनिंग शिक्षा में 100 वर्ष से अधिक का गौरवशाली इतिहास रहा है. पहले जहां पारंपरिक खनन और खनिज संसाधनों पर फोकस होता था, वहीं अब सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हाई-टेक इंडस्ट्री जैसे आधुनिक क्षेत्रों में भी क्रिटिकल मिनरल्स की केंद्रीय भूमिका हो गई है. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ऊर्जा क्षेत्र, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और चिप निर्माण उद्योग के लिए बड़ी संख्या में प्रशिक्षित विशेषज्ञों की आवश्यकता होगी. इसी मांग को ध्यान में रखते हुए यह नया एमटेक कोर्स डिजाइन किया गया है.
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