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धनबाद : ई-नाम पोर्टल में धनबाद के किसान व व्यापारी नहीं ले रहे रुचि

पिछले 8 साल में सिर्फ सेब की हो रही खरीदारी, दो किसान समूह उठा रहा है पोर्टल का लाभ
Dhanbad : ई- नाम पोर्टल यानी राष्ट्रीय कृषि बाजार की वेबसाइट, जिसे केंद्र सरकार ने अप्रैल 2016 में कृषि उत्पाद को सीधे व्यापारियों तक पहुंचाने के लिए बनाया था. अभी देश की 1300 से अधिक बड़ी मंडिया और 2 लाख 45 हजार व्यापारी जुड़ चुके है. लेकिन इस ऑनलाइन बाजार में झारखंड काफी पीछे है. धनबाद जिले में अभी तक किसानों के सिर्फ दो संगठनों ने ही काम शुरू किया है. जिसमें निरसा में किसानों की एक प्रोड्यूसर कंपनी है जो अभी तक ऑनलाइन माध्यम से 45 लाख का कारोबार कर चुकी है. यह राज्य की अव्वल कम्पनी बनी हुई है. दूसरी गोविंदपुर की किसान साथी प्रोड्यूसर कंपनी है, जिसने अभी तक मात्र 13 लाख का कारोबार किया है. बाजार समिति की बात करे तो अभी ई-नाम पोर्टल के माध्यम से सिर्फ सेब की खरीद हो रही है. इस प्लेटफॉर्म से उत्तराखंड और कश्मीर के किसानों से सेब मंगाए जा रहे है. हाल ही में कुछ व्यापारियों ने ड्राई फ्रूट्स की खरीद भी शुरू की है.

जिले के कई व्यापारी पोर्टल से है अनजान

ई नाम पोर्टल का अस्तिव में आए 8 साल बीत चुका है. लेकिन धनबाद के कई व्यापारी इससे अनजान है. जिन्हें इसकी जानकारी है, वो पोर्टल से उत्पाद की खरीद करना जरूरी नहीं समझते है. जिला बाजार समिति में फल के व्यापारी भरत भूषण ने बताया कि पोर्टल से अभी हल्की फुल्की खरीद हमलोग कर रहे है. कोई परेशानी नहीं है, लेकिन पहले से जिन लोगों के साथ व्यापार का लंबा अनुभव है, उनको भी तो नहीं छोड़ सकते. [caption id="attachment_738235" align="alignnone" width="272"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/08/BHARAT-BHUSHAN-272x122.jpg"

alt="" width="272" height="122" /> भरत भूषण, फल व्यापारी[/caption] अनाज के व्यापारी राजीव सिंह ने बताया कि उन्हें इस पोर्टल की जानकारी नहीं है. लेकिन सुना है कि इससे कोई फायदा नहीं है, बल्कि नुकसान ही है. इसलिए उसपर ध्यान नहीं देते. सुपर स्टॉकिस्ट से ही माल मंगवाते है. [caption id="attachment_738236" align="alignnone" width="272"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/08/RAJIV-SINGH-272x122.jpg"

alt="" width="272" height="122" /> राजीव सिंह, अनाज व्यापारी[/caption] ड्राई फ्रूट्स के व्यवसायी सूरज ट्रेड के कर्मचारी शुभम ने बताया कि वेलोग ड्राई फ्रूट्स सीधे कंपनी से मंगवाते है. ई-नाम से अभी तक खरीदारी नहीं की है. धनबाद के लिए यह अभी नया है, पूरी जानकारी मिलने के बाद ही सोचेंगे. [caption id="attachment_738238" align="alignnone" width="272"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/08/SUBHAM-272x122.jpg"

alt="" width="272" height="122" /> शुभम, ड्राई फ्रूट्स विक्रेता[/caption]

क्या कहते है जवाबदेह

जिला बजार समिति के सचिव राकेश कुमार सिंह ने बताया कि यहां के लिए ई नाम पोर्टल अभी नया है. लेकिन धीरे-धीरे इसका विस्तार हो रहा है. अभी तक जिले में 6 किसान उत्पादक समूह नबार्ड से जुड़ चुका है. इसके अलावा बलियापुर की एक नारी शक्ति समूह है जो टाटा ट्रस्ट से जुड़ी हुई है. इन्हें मोबिलाइज करने का काम किया जा रहा है. इसके अलावा पोर्टल के माध्यम से दूसरे राज्यों से सेब की खरीद की जा रही है. अभी तक 1 करोड़ 31 लाख का व्यापार हो चुका है. इसके अलावा किसानों के दो समूह ने 58 लाख का कारोबार किया है. उन्होंने बताया कि वस्तुओं की गुणवत्ता जांच के लिए ट्रेड लैब भी बनाया गया है. 7-8 नए समूह का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है. विधिवत रूप से उन्हें प्रशिक्षित भी किया जा रहा है. इस पोर्टल में ऑनलाइन खरीद बिक्री के साथ पेमेंट की सुविधा भी मिलती है. किसी बिचौलियों की जरूरत नहीं है. पोर्टल पर सारी जानकारी उपलब्ध है. साथ ही टोल फ्री नंबर की भी सुविधा दी गई है. जिले में आने वाले दिनों में बड़े स्तर में बदलाव दिखेगा. यह">https://lagatar.in/dhanbad-bjp-exerts-strength-for-the-preparations-of-babulal-marandis-sankalp-sabha/">यह

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