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धनबाद : रंगदारों की धमकियों से भयभीत सौ से अधिक कारोबारियों ने रखा निजी सुरक्षा बॉडीगार्ड

Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) धनबाद में कारोबारियों को रंगदारों,अपराधियों अथवा गैंग्स से लगातार धमकी मिल रही है. इन धमकियों से घबराकर कुछ दबंग घराने के लोग, कारोबारी और नेता अपनी सुरक्षा और रुतबा कायम रखने के लिए निजी सुरक्षा एजेंसी से बाउंसर और बॉडीगार्ड ले रहे हैं. सुरक्षा के नाम पर इस मद में लाखों रुपये खर्च कर रहे हैं. हाल के दिनों में कई कारोबारियों और डॉक्टरों को रंगदारी के लिए धमकी मिली है. इन धमकियों से घबराये लोगों ने पुलिस से सुरक्षा गार्ड उपलब्ध कराने की मांग की. परंतु पुलिस ने असमर्थता जताई या आनाकानी की तो संपन्न और घबराये लोगों ने निजी एजेंसी का दरवाजा खटखटाया. विगत तीन माह में लगभग 100 कारोबारी निजी सुरक्षा एजेंसी से बॉडीगार्ड ले चुके हैं.

 अमन सिंह और प्रिंस खान से डरे डॉक्टर और व्यवसायी

विगत 6 माह में शूटर अमन सिंह और वासेपुर के फरार आरोपी प्रिंस खान ने कई कारोबारियों और डॉक्टरों से रंगदारी की मांग करते हुए धमकी दी है. धमकी अब भी दी जा रही है. इनमें लगभग 100 लोगों ने पुलिस से सुरक्षा की मांग की है. परंतु डॉ. समीर कुमार को छोड़ कर शायद ही किसी को पुलिस ने सुरक्षा गार्ड उपलब्ध कराया. पुलिस से निराश लगभग 100 लोगों ने निजी एजेंसियों से सुरक्षा का जुगाड़ लगा लिया है.

 SIS सुरक्षा एजेंसी ने 20 लोगों को दिया है बॉडी गार्ड

SIS सुरक्षा एजेंसी के उपाध्यक्ष उपेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि विगत तीन माह में उनकी एजेंसी ने 20 लोगों को बॉडी गार्ड उपलब्ध कराये हैं. इसके पहले महीने में एक या दो लोग ही संपर्क करते थे. कहा कि बॉडीगार्ड अलग-अलग तरह के होते हैं. सभी के रेट भी अलग हैं. एक बाउंसर लेने के लिए 17 हजार देने होंगे, जबकि पिस्टल और रिवाल्वर धारी के लिए 35 हजार चुकाना होता है. अधिकतर लोग पूर्व फौजी की डिमांड करते हैं. किन्ही के पास दो तो किन्ही के पास चार बॉर्डीगार्ड हैं.

 अब भी कई डॉक्टर और कारोबारी मांग रहे निजी गार्ड

बताया गया कि अभी भी कई कारोबारी और डॉक्टर ने निजी सुरक्षा गार्ड के लिए बातचीत की है. एक अन्य एजेंसी के गामा सिंह ने कहा कि दो तीन-महीने में निजी सुरक्षा की डिमांड बढ़ी हैं. इस अवधि में चार से पांच लोगों ने निजी सुरक्षा ली है. शहर में 100 से अधिक ऐसी एजेंसियां काम कर रही हैं. किसी भी एजेंसी से लोग सुरक्षा गार्ड ले रहे हैं.

  पहले निजी सुरक्षा थी रौब और रुतबे की निशानी

इसके पहले निजी सुरक्षा रौब-दाब और रुतबा की निशानी मानी जाती थी. सिंह मेंशन, रघुकुल, कांग्रेस नेता रणविजय सिंह, आउट सोर्सिंग संचालक एल बी सिंह, कुंभनाथ सिंह जैसे कुछ खास लोग ही सुरक्षा गार्ड की देखरेख में कहीं आते-जाते थे. ऐसे लोगों के पास 8 से 10 बॉडीगार्ड होना आश्चर्य नहीं माना जाता है. इनमें भी कुछ ऐसे हैं, जिनके पास सरकारी बॉडीगार्ड भी है. कई लोगों ने तो सुरक्षा के साथ रुतबा कायम करने के लिए भी बॉडीगार्ड रखा है. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-74-14-percent-voting-in-the-third-phase-of-panchayat-elections/">धनबाद

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