Dhanbad : राज्य में फाइलेरिया (हाथीपांव) उन्मूलन अभियान 10 फरवरी से शुरू हो रहा है. अभियान को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है. 10 से 25 फरवरी तक चलने वाले मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) कार्यक्रम के तहत जिलेभर में लोगों को मुफ्त दवा खिलाई जाएगी. इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग जागरूकता रैलियों व जनसंपर्क अभियान के जरिए लोगों को दवा सेवन के लिए जागरूक कर रहा है. विभाग की ओर से सोमवार को भी जागरूकता रैली निकाली गई. जिले में 26 लाख से अधिक लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है.
रैली में मौजूद वीबीडी (वेक्टर बॉर्न डिजीज) पदाधिकारी डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि फाइलेरिया की दवा का कोई गंभीर साइड इफेक्ट नहीं होता. यदि किसी व्यक्ति के शरीर में माइक्रो फाइलेरिया मौजूद होगा तो दवा लेने के बाद हल्का बुखार या सिरदर्द जैसे लक्षण दिख सकते हैं, जो सामान्य प्रतिक्रिया है. उन्होंने बताया कि जिले में वर्तमान में करीब 4,590 लोग फाइलेरिया से पीड़ित हैं. यह बीमारी व्यक्ति को जीवनभर के लिए विकलांग बना सकती है. ऐसे में इससे बचाव के लिए समय पर दवा का सेवन बेहद जरूरी है.
अभियान के पहले दिन 10 फरवरी को जिले के 2,262 बूथों पर 4,583 दवा प्रशासकों व 435 सुपरवाइजरों की निगरानी में लोगों को दवा खिलाई जाएगी. जो लोग किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच पाएंगे उन्हें 11 से 25 फरवरी तक घर-घर जाकर दवा दी जाएगी. दवा प्रशासक लोगों को डीईसी व एल्बेंडाजोल की खुराक अपने सामने खिलाएंगे. ताकि कोई भी व्यक्ति छूट न जाए. स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, अत्यंत वृद्ध व गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को दवा नहीं दी जाएगी. सभी लोगों को सलाह दी गई है कि दवा खाली पेट न लें.
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