Search

धनबाद: पत्रकारिता इतिहास का पहला ड्राफ्ट : हरिवंश

Dhanbad : पत्रकारिता इतिहास का पहला ड्राफ्ट होती है. बाद के काल खंडों में यह इतिहास युवाओं को प्रेरित करने का कार्य करता है. "अतीत के झरोखे से" पुस्तक  वरिष्ठ पत्रकार व लेखक वनखंडी मिश्र के अखबारों में प्रकाशित  संस्मरणों का संकलन है. जिसे आज की युवा पीढ़ी को पढ़ना व समझना चाहिए. इस पुस्तक में धनबाद के पहले सांसद पी सी बोस, विधायक व तत्कालीन समाजसेवी की जीवन गाथा का वर्णन है, जिनके जीवन के मूल्य आज के युवा व भावी पीढ़ी को इंसान बनाना सिखाते हैं. यह बातें आईआईटी-आईएसएम के गोल्डन जुबली लेक्चर थियेटर में आयोजित अतीत के झरोखे से पुस्तक के विमोचन के अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार व राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कही.

   समाज को दिशा दिखाता है साहित्य

उन्होंने कहा कि एक समय था, जब समाज में शिक्षकों का आदर होता था.  गलत तरीके से धन कमा कर आगे बढ़े लोगों की समाज में ज्यादा पूछ नहीं थी. बाद में स्थिति बदल गई. इस पुस्तक में संकलित महान पुरुषों के जीवन चरित्र युवा पीढ़ी को पढ़ना चाहिए. हम सभी गड़बड़ियों का केंद्र राजनीति को मानकर अपना दायित्व नहीं भूल सकते हैं. इतिहास में कई ऐसे समाज सुधारक व विचारक हुए हैं, जिन्होंने राजनीतिक, सामाजिक व आध्यात्मिक सभी प्रतिमानों को गढ़ा है.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस परमाणु बम जैसा

हरिवंश ने कहा कि चैट जीपीटी पर काम करने वाले ओपन एआई के को फाउंडर सैम ऑल्टमैन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को परमाणु बम जैसा खतरनाक बताया. उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से देश के सुदूरवर्ती इलाकों में स्वास्थ्य, शिक्षा व अन्य चीज़ों में क्रांतिकारी परिवर्तन आया है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमें एक कुशल व ज्ञानी विद्वान, डॉक्टर, प्रोफेसर से अच्छा परिणाम दे सकता है, लेकिन वह परिणाम का आधार मूल्य, उसूल व मानवता नहीं होंगे. यही चीजें हमें एआई से अलग करती हैं. हमें स्वयं से ऊपर उठकर अपना जीवन समाज के लिए जीने वाला बनने के लिए प्रेरित करती हैं. उन्होंने कठोपनिषद में आए नचिकेता की कहानी के माध्यम से मूल्यांकन करने की बात कही.

  समारोह में जुटे समाजसेवी व संपादक

पुस्तक विमोचन समारोह की अध्यक्षता लेखक मनमोहन पाठक ने की. उन्होंने बचपन में देखे नौटंकी, व बंगाली जात्रा के संस्मरण के आधार पर अपनी आगामी पुस्तक के विषय में बताया. आईआईटी-आईएसएम के निदेशक प्रो राजीव शेखर ने सभी का स्वागत किया. झरिया विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह ने कहा कि झरिया कोयलांचल पर लिखी  `त्रिकालदर्शी पुस्तक को पढ़कर ही वह विधानसभा में अपनी बात रख पाती हैं. स्थानीय संपादक ज्ञानवर्धन मिश्र ने कहा कि प्रबुद्ध, विद्वान व बुजुर्गों की लेखनी युवाओं का मार्गदर्शन करती है और उसे दिशा दिखाती है, संपादक डॉ चंदन शर्मा ने कहा कि जब उनके अखबार में आलेख प्रकाशित हो रहे थे, तभी इसका आभास हो गया था कि यह एक पुस्तक के रूप में प्रकाशित होने की क्षमता रखती है. स्थानीय संपादक जीवेश रंजन सिंह ने कहा कि जिसने इतिहास को नहीं जिया, वह भविष्य में छलांग नहीं लगा सकता है. आज हम आग और प्रदूषण देखते हैं, जबकि यह किताब हमें धनबाद का समृद्ध इतिहास बताती है. साहिबगंज के जिला जज एसके दुबे ने कहा कि यह साहित्य की ताकत है कि उन्हें 10 वर्षों के बाद इस कार्यक्रम में धनबाद खींच लाया. बीसीसीएल के विद्युत साहा ने भी संबोधित किया. समारोह में वरिष्ठ समाजसेवी निरंजन अग्रवाल को सम्मानित किया गया. मंच संचालन प्रशांत झा और उत्तम मुखर्जी ने जबकि धन्यवाद ज्ञापन कविता विकास ने किया. समारोह में  शहर के विभिन्न तबके के लोग भारी संख्या में मौजूद थे. [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp