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धनबाद: सिंफर के पूर्व निदेशक व मुख्य वैज्ञानिक को मिली आंशिक राहत

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139 करोड 79 लाख 97 हजार 871 रुपये का मानदेय घोटाला

Dhanbad :  139 करोड 79 लाख 97 हजार 871 रुपये के मानदेय घोटाले में सिंफर के पूर्व निदेशक डॉ पी के सिंह एवं चीफ साइंटिस्ट सह हेड ऑफ रिसर्च ग्रुप डॉक्टर ए के सिंह के बैंक अकाउंट व लॉकर को डिफ्रिज करने के आवेदन पर अदालत ने आंशिक राहत दी है. पी के सिंह के पुत्र,  पुत्री व पत्नी द्वारा दायर अकाउंट डिफ्रिज करने के आवेदन पर सीबीआई के विशेष न्यायाधीश रजनीकांत पाठक  की अदालत ने सशर्त डिफ्रिज करने का आदेश दिया है. विगत दो सितंबर को अदालत ने दोनों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी. धनबाद सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधी शाखा ने विगत 25 जून को सिंफर के पूर्व निदेशक डॉ पी के सिंह व चीफ साइंटिस्ट सह हेड ऑफ रिसर्च ग्रुप डॉक्टर ए के सिंह के खिलाफ 140 करोड़ रुपये के ऑनरेरियम घोटाले की प्राथमिकी दर्ज की थी. प्राथमिकी दर्ज करने के बाद ही सीबीआई द्वारा डॉ पी के सिंह के 12 और डॉक्टर ए के सिंह के पांच बैंक खातों के ऑपरेशन पर रोक लगाते हुए उसे फ्रीज कर दिया गया था.

 नीरज हत्याकांड में संपादक का बयान दर्ज

धनबाद : पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या के मामले में शनिवार 16 सितंबर को दैनिक समाचार पत्र के संपादक अशोक कुमार का बयान अदालत में दर्ज किया गया. कोर्ट को दिए बयान में उन्होंने कहा कि 21 मार्च 17 को स्टील गेट धनबाद में नीरज सिंह व उनके सहयोगियों की हत्या से जुड़ी खबर व फोटो उनके अखबार में प्रकाशित की गई थी. 23 मार्च 17 को विधायक संजीव सिंह व अन्य पर प्राथमिकी दर्ज की गई. यह समाचार भी छपा था. हत्याकांड को लेकर गठित एसआईटी के प्रमुख सीआईडी के एडीजी अजय कुमार सिंह, डीआईजी साकेत कुमार सिंह लगातार हत्याकांड से संबंधित बातें मीडिया से साझा कर रहे थे. वह भी उनके अखबार में प्रकाशित हुआ था. 29 मार्च 17 को पुलिस द्वार जारी किया गया तीन संदिग्ध शूटरों का स्केच भी छपा था. [wpse_comments_template]

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