Dhanbad : धनबाद (Dhanbad): दीन दयाल उपाध्याय राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (डे- एनयूएलएम) के अंतर्गत नगर निगम क्षेत्र में संचालित ट्रेनिंग सेंटर की ट्रेनर पिछले तीन साल से मानदेय के लिए निगम का चक्कर काट रही हैं. ट्रेनरों का आरोप है कि पूर्व मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल के झूठे अश्वासन के कारण यह स्थिति बनी हुई है. नाम नहीं छापने की शर्त पर वार्ड नंबर 18 के पांडरपाला स्थित सिलाई सेंटर में ट्रेनिंग दे चुकी ट्रेनर ने बताया कि वर्ष 2019 में पूर्व मेयर के आश्वासन पर बगैर किसी ज्वायनिंग लेटर के हम सात लोगों ने ट्रेनिंग देना शुरू किया था. पहले प्रति ट्रेनर हर माह सात हजार देने की बात कही गई थी. बाद में दस हजार हर माह देने का वादा पूर्व मेयर ने किया. छह माह तक सभी ने ट्रेनिंग दी. सुबह 10 से शाम 4 बजे तक बायोमीट्रिक हाजिरी भी बनाई. ट्रेनरों का कहना है कि उनके सारे कागजात नगर विकास विभाग भी भेजे गए. परंतु ट्रेनिंग का अलग से फंड देने से इनकार कर दिया गया. इसके बाद पूर्व मेयर ने उनके मानदेय के लिए कोई पहल ही नहीं की. 18 जून 2020 को उनका कार्यकाल समाप्त हो गया. उसके बाद नगर आयुक्त से मुलाकात की. अभी तक दो नगर आयुक्त भी बदल गये हैं. सभी से सिर्फ आश्वासन मिला. वर्तमान नगर आयुक्त सतेन्द्र कुमार कहते हैं हम क्या करें, फिर से मेयर को जिताओ तभी कुछ हो सकता है. ट्रेनरों का कहना है निगम के पास उनके मानदेय का 4 लाख से अधिक रुपये बकाया है. छह माह की ट्रेनिंग में एक माह का भी पैसा नहीं मिला है, जबकि उनके द्वारा दी गई ट्रेनिंग से कई महिलाएं आज स्वरोजगार से जुड़ कर अच्छी आमदनी कर रही हैं. पैसा नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है. यह भी पढ़ें:धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-railways-launched-encroachment-removal-campaign-in-hill-colony/">धनबाद:
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धनबाद: पूर्व मेयर ने छह माह तक ट्रेनर बनाकर काम कराया, नहीं दिलाया पैसा

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