Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) चार इंच की एक छोटी सी लोहटन (एक प्रकार की छिपकली) ने पूरे गांव को अस्पताल की राह दिखा दी. कथित विषाक्त छोले व गोलगप्पे खाकर तीन दिनों तक लगभग 200 मरीज, उनके परिजन और गांव वाले अस्पताल का चक्कर लगाते रहे. गांववाले भी मरीजों की तीमारदारी में लगे रहे. इस घटना के बाद बलियापुर प्रखंड के करमाटांड़ पंचायत के हुचुकटांड गांव में भोक्ता पूजा और मेला की रौनक ही गायब हो गई. पूजा का समापन बिना किसी धूमधाम के हुआ. लापरवाही के कारण इस दुर्घटना में अच्छी बात यह रही कि किसी की जान नहीं गयी. 21 अप्रैल तक सभी सुरक्षित घर पहुंच चुके हैं. गांव वालों के अनुसार लगभग 50 मरीज स्थानीय अस्पतालों में भर्ती थे. सभी डिस्चार्ज हो चुके हैं.
एसएनएमएमसीएच प्रबंधन व स्टाफ की हुई तारीफ
घटना 19 अप्रैल की रात की है. 141 मरीजों के अस्पताल पहुंचने के बाद एसएनएमएमसीएच प्रबंधन परेशान रहा. हालांकि अस्पताल के डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ और जूनियर डॉक्टरों की टीम ने पूरी तन्मयता से पूरी रात मरीजों का इलाज़ किया. लेकिन संसाधनों की कमी से वे परेशान भी रहे. हालांकि मरीजों, उनके परिजनों और गांव से आए लोगों ने अस्पताल के स्टाफ की तत्परता की तारीफ की. घटना के बाद से सहमा है पूरा गांव
इस अप्रत्याशित घटना के बाद से पूरा गांव सहमा हुआ है. ग्रामीणों के अनुसार गांव में वर्षों से पूजा और मेला का आयोजन होता आ रहा है. लेकिन ऐसी घटना पहली बार हुई है. कोरोना काल में भी गांव वालों के बीच ऐसी दहशत नहीं थी. घटना के तीन दिन बीत गए हैं. इलाज़ के बाद सभी मरीजों के सही सलामत गांव लौटने पर भी लोग सहमे हुए हैं. फ़ूड प्वायजनिंग का था मामला, रहें सतर्क : डॉ यूके ओझा
एसएनएमएमसीएच के मेडिसिन विभाग के डॉक्टर यूके ओझा ने बताया कि सभी मामले फ़ूड पॉइजनिंग के थे. मरीजों में अधिकतर बच्चे होने की वजह से परिजन ज्यादा दहशत में थे. गर्मी के दिनों में खाना जल्दी खराब हो जाता है. साथ ही पाचन क्षमता भी कम हो जाती है. ऐसी स्थिति में लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है. उपायुक्त ने बनाई जांच टीम
छोला में छिपकली गिरने की पुष्टि अभी नहीं हुई है. दावे की सच्चाई पता करने के लिए उपायुक्त ने तीन सदस्यीय जांच टीम बनाई है. टीम में एसडीएम प्रेम तिवारी, सिविल सर्जन डॉ आलोक कुमार विश्वकर्मा व बलियापुर सीओ रामप्रवेश कुमार शामिल हैं. साथ ही बलियापुर थाना ने मामले की जांच शुरू कर दी है. दोषी गोलगप्पे के दुकानदार की पहचान नहीं हो सकी है. गांव वालों की ओर से थाना में किसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है. [wpse_comments_template]
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