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धनबाद : बीबीएमकेयू की नैक ग्रेडिंग नहीं होने से रुका करोड़ों का फंड

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Dhanbad : बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (बीबीएमकेयू) की स्थापना के छह वर्ष हो चुके हैं, लेकिन नेशनल एसेसमेंट एंड एक्रीडिएशन काउंसिल (नैक) से अब तक इसकी ग्रेडिंग नहीं हुई है.इसकी वजह से विश्वविद्यालय को यूजीसी और राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) से विकास के लिए मिलने वाले फंड से वंचित होना पड़ रहा है. साथ ही न तो विवि की गुणवत्ता व बुनियादी ढांचे का मूल्यांकन हो पा रहा है, न ही इसमें सुधार की कोई गुंजाइश बन रही है. इसका खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है.

विश्वविद्यालय के अधिकतर कॉलेजों की हो चुकी है नैक ग्रेडिंग

बीबीएमकेयू के अंतर्गत आने वाले पीके रॉय मेमोरियल कॉलेज, गुरुनानक कॉलेज, बीएस सिटी कॉलेज बोकारो की दो बार नैक ग्रेडिंग हो चुकी है. एसएसएलएनटी महिला कॉलेज में नैक की दूसरी साइकिल चल रही है. इसके साथ ही आरएस मोर कॉलेज, आरएसपी कॉलेज झरिया, बीएसके कॉलेज मैथन सहित अन्य कॉलेजों की नैक ग्रेडिंग भी हो चुकी है. लेकिन वर्ष 2017 में विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद से अभी तक नैक ग्रेडिंग के लिए सकारात्मक प्रयास नहीं किए गए हैं.

सभी विश्वविद्यालय और कॉलेजों के लिए नैक ग्रेडिंग जरूरी

यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) की गाइडलाइन के अनुसार सभी विश्वविद्यालय और कॉलेजों की नैक ग्रेडिंग जरूरी है. नैक ग्रेडिंग से किसी भी संस्थान की शिक्षा की गुणवत्ता, अनुसंधान, लैब, लाइब्रेरी, शिक्षकों की संख्या, बुनियादी ढांचा के स्तर का पता चलता है. जिसके आधार पर उसे फंडिंग मिलती है. किसी संस्थान की नैक ग्रेडिंग 4 वर्षों के लिए मान्य होती है. इसके बाद दोबारा ग्रेडिंग करानी पड़ती है.

एसएसआर के बाद जांच रिपोर्ट के आधार पर मिलती है ग्रेडिंग

नैक ग्रेडिंग के लिए कॉलेज या विश्वविद्यालय को स्वयं पहल करनी पड़ती है. सर्वप्रथम संस्थान का सेल्फ स्टडी रिपोर्ट (एसएसआर) बनाकर भेजना होता है. इसके बाद नैक की जांच टीम करिकुलम, रिसर्च, पुस्तकालय, आधारभूत संरचना, गवर्नेंस, स्टूडेंट सपोर्ट प्रोग्रेशन आदि के आधार पर रिपोर्ट तैयार करती है जिसके आधार पर कॉलेज या विश्वविद्यालय को ए प्लस प्लस, ए प्लस, बी प्लस प्लस, बी प्लस, सी प्लस आदि ग्रेडिंग दी जाती है. ग्रेडिंग के आधार पर ही विकास कार्यों के लिए यूजीसी या रूसा का फंड भी मिलता है. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-there-is-no-problem-regarding-seat-sharing-in-india-alliance-in-jharkhand-jyoti-kumar/">धनबाद

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