Topchanchi : तोपचांची (Topchanchi) के साहोबहियार में भागवत सेवा समिति की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा सह लक्ष्मी नारायण यज्ञ के चौथे दिन वृंदावन से पधारे कथावचक आचार्य ब्रजेश जी महराज ने भगवान के वामन अवतार, श्रीकृष्ण जन्म व नंदोत्सव का वर्णन किया. कहा कि जो संसार के जश्न में फंसता है वह जीवन के अमृत से वंचित रह जाता है. व्यक्ति संसार में आकर भोग-विलास में फंस जाता है और काल को भी भूल जाता है. इस क्रम में उन्होंने गजराज व ग्राह का प्रसंग सुनाया. कथा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार भगवान ने ग्राह को मारकर डूबते गजराज की प्राण रक्षा की, उसी प्रकार सत्य मार्ग पर चलने वाले व्यक्ति की हर विपत्ति में भगवान रक्षा करते हैं. भक्ति मार्ग का जिक्र करते हुए कहा कि भक्ति में व्यक्ति को पहले उपहास व निंदा रूपी जहर मिलता है. लेकिन बाद में मीरा बाई की तरह अमृत भी उसी को मिलता है. वामन अवतार पर प्रकाश डालते महाराज जी ने कहा कि मांगने वाला हमेशा छोटा होता है. चूंकि भगवान को बलि से मांगना था, इसलिए वामन का रूप लिया और वैभव के अभिमानी राजा बलि का सर्वस्व मांग लिया. इसलिए धन-सम्पति का कमी अभिमान नहीं करना चाहिए. श्रीकृष्ण के अवतार की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि कंस के अत्याचार से गौ, ब्राह्मण, पृथ्वी, देवता सभी दुःखी थे, तब भगवान कृष्ण कंस के कारागृह में बंद माता देवकी के गर्भ से रात में जन्म लिए और पिता वसुदेव रातों-रात उन्हें ले जाकर मथुरा से गोकुल में नंद के घर यशोदा की गोद में सुलाकर चले आए. श्रीकृष्ण के जन्म पर पूरा पंडाल नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की से गूंज उठा. कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-villagers-of-agyarkund-submitted-memorandum-to-mla-aparna-for-water/">धनबाद
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धनबाद : सत्य मार्ग पर चलने वाले की भगवान हर विपत्ति में रक्षा करते हैं- आचार्य ब्रजेश

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