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धनबाद : खेलो इंडिया को मुंह चिढ़ाते जिले के सरकारी स्कूल, खेल शिक्षक ही नहीं

 
Dhanbad : धनबाद जिले के सरकारी स्कूल केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट खेलो इंडिया को मुंह चिढ़ा रहे हैं. केंद्र सरकार युवाओं व बच्चों को खेल से जोड़कर स्वस्थ बनाने के तहत कई खेलों और कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है, वहीं दूसरी ओर जिले के अधिकतर स्कूलों में खेल शिक्षक ही नहीं हैं. कुछ स्कूलों में शिक्षक हैं भी, तो वहां खेल सामग्री और मैदान की कमी जैसी समस्याएं बाधा उत्पन्न कर रही हैं. मिलाजुला कर हालात यही है कि विद्यार्थी यदि खेल के क्षेत्र में करियर बनाने का मन बनाएं, तो उन्हें अपने बूते बाहर जाकर ही बेहतर करने का प्रयास करना पड़ेगा.

शारीरिक शिक्षकों के 99 पद सृजित, केवल 25 कार्यरत

जिले के हाई स्कूलों के लिए शारीरिक शिक्षक के 99 पद सृजित हैं. इनमें जिले में मात्र 25 शिक्षक ही कार्यरत हैं. 64 पद रिक्त हैं. जिले में कुल 129 हाई स्कूल हैं. 30 स्कूलों में शारारिक शिक्षक के पद ही सृजित नहीं हुए. वहीं कक्षा आठ तक वे स्कूलों के लिए शारारिक शिक्षक रखने का प्रावधान ही नहीं है. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-the-mla-wrote-a-letter-to-the-governor-regarding-the-disturbance-in-teachers-reinstatement/">धनबाद

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मैदान के अभाव में नहीं होते आउटडोर गेम 

जिले के अधिकतर सरकारी स्कूलों में मैदान ही नहीं है. शहरी क्षेत्र में आने वाले मध्य विद्यालय हीरापुर, मध्य विद्यालय बरटांड़, प्राथमिक विद्यालय बिशनपुर, मध्य विद्यालय ठाकुरकुल्ही, बालिका मध्य विद्यालय पुराना बाजार, बालिका मध्य विद्यालय धनसार, मध्य विद्यालय जयंतीग्राम दामोदरपुर में खेल का मैदान नहीं है. यहां कभी भी आउटडोर खेल का आयोजन नहीं होता.

लैप्स हो गयी वर्ष 2021-22 की 60 प्रतिशत राशि

जिला शिक्षा विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार, जिले के सभी हाई स्कूलों को वर्ष 2021-22 में लगभग 5 से 7 हज़ार रुपये प्रति विद्यालय मिले थे. इनमें से लगभग 60% स्कूलों की राशि लैप्स हो गई थी. सत्र 2022-23 के आंकड़े मार्च क्लोजिंग के बाद सामने आएंगे. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-gave-the-exam-without-class-and-studies-now-there-is-doubt-on-passing/">धनबाद

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