अतिथियों ने तुलसी व अन्य पौधे देकर किया सम्मानित
Bhuli: सरस्वती विद्या मंदिर भूली में शुक्रवार 28 जुलाई को दादा-दादी नाना-नानी सम्मान समारोह का आयोजन हुआ. समारोह मे बड़ी संख्या में छात्र छात्राओं के दादा-दादी न नाना-नानी पहुंचे. मुख्य अतिथि समाजसेवी व दिवंगत पत्रिका के संपादक शैलेंद्र सिंह, विद्या विकास समिति के धनबाद विभाग प्रमुख विवेक नयन पांडेय , विद्यालय के सचिव डॉ एस के एल. दास एवं प्राचार्य शिव बालक प्रसाद सिंह मौजूद थे. मुख्य अतिथि ने कहा कि दादा-दादी नाना-नानी हमारी संस्कृति के आधार हैं. यह कार्यक्रम अपनी संस्कृति को जागृत करने का अनूठा प्रयास है. संकृति को बचाने के लिए दादा-दादी, नाना-नानी को नये रूप में जागृत करना होगा. नई पीढ़ी को उनका महत्व समझना होगा. विभाग प्रमुख विवेक नयन ने कहा कि भारत की सामाजिक व्यवस्था बड़ी रोचक है. संयुक्त परिवार में दादा-दादी, नाना-नानी बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा, सामाजिक शिक्षा व संस्कार देते हैं. वर्तमान में यह व्यवस्था बिगड़ रही है. उनके सम्मान को पुन: स्थापित करने के उद्देश्य से विद्या भारती ने यह कार्यक्रम प्रारंभ किया है. विद्यालय के सचिव डॉ दास ने कहा कि परिवार से समाज बनता है, यदि परिवार ही ठीक नहीं रहेगा तो देश कैसे ठीक रहेगा. बुजुर्गो ने भी कार्यक्रम की काफी सराहना की. दादा-दादी, नाना-नानी को अतिथियों ने तुलसी एवं अन्य पौधे देकर सम्मानित किया. छात्रों ने दादा-दादी, नाना-नानी का पूजन किया. विद्यालय के प्राथमिक खंड के छात्रों ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये. बहन आरोही एवं आचार्या रूपा चटर्जी ने गीत प्रस्तुत किया. प्राचार्य ने सभी को धन्यवाद दिया. डॉ उमेश कुमार सिंह ने अतिथियों का परिचय कराया. मंच संचालन मीनाक्षी कुमारी तथा कार्यक्रम का संयोजन प्राथमिक खंड प्रमुख अनुराधा कुमारी व जय कुमार ने किया. [wpse_comments_template]
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