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धनबाद: गणेश चतुर्थी पर जीएसटी  की मार, बप्पा हुए डेढ़ गुना महंगे

Ravi chourasia Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) गणेश चतुर्थी के बाजार पर भी महंगाई का असर साफ दिकने लगा है. जीएसटी ने प्रतिमा तैयार करने वाले सामान की कीमत आसमान पर पहुंचा दिया है, जिससे भक्तों के लिए गणपति बप्पा डेढ़ गुना महंगे हो गए हैं. जो गणपति दो वर्ष पूर्व 250 से 300 रुपये में उपलब्ध हो जाते थे, वह इस वर्ष 400 से 500 रुपये में बिक रहे हैं.

         इंसान से भगवान तक जीएसटी : जितेंद्र पंडित

[caption id="attachment_401053" align="aligncenter" width="292"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/08/jitendra-ganpati-292x300.jpeg"

alt="" width="292" height="300" /> प्रतिमा को अंतिम रूप देते मूर्तिकार जितेंद्र[/caption] जानकारी देते हुए मूर्तिकार जितेंद्र पंडित बताते हैं कि पिछले दिनों कई चीजों पर सरकार ने G.S.T लगा दिया. उसका असर अब इंसान से गुजरता हुआ भगवान तक जा पहुंचा है. गणपति की मूर्ति बनाने में इस्तेमाल के लिए कच्चे माल जीएसटी की गिरफ्त में आ गए हैं. इस वजह से बप्पा की मूर्ति के दाम आसमान छू रहे हैं. G.S.T ककी वजह से दाम 35 से 40 फीसदी तक बढ़ गए हैं.

   प्रतिमा सजाने वाले कपड़े भी महंगे

मूर्तिकार दीपक पंडित ने बताया कि गणेश की मूर्तियों को सजाने के लिए रॉ मैटेरियल की कीमतें बढ़ गई हैं. सजाने की सामग्री में शामिल कपड़े की कीमत प्रति मीटर 35 से 40 रुपये से बढ़ कर 50 से  55 तक पहुंच गई है. मूर्तियों के श्रृंगार के लिए ऑयल पेंट का भी इस्तेमाल किया जाता है. ऑयल पेंट की कीमत में प्रति डिब्बा 20 प्रतिशत का इज़ाफ़ा हुआ है. वहीं कलर करने के लिए ब्रश की जरूरत है, जो 30 रुपये की जगह इस साल 45  रुपये में मिल है. मिट्टी, बांस और बिचाली की भी कीमतों में उछाल आया है. हालत यह है कि गणपति के मूल्य में डेढ़ गुना वृद्धि हो गई है.

    लेबर कॉस्ट में बढ़ोतरी से भी बढ़े प्रतिमा के दाम

[caption id="attachment_401056" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/08/factory-ganpati-300x225.jpeg"

alt="" width="300" height="225" /> फैक्ट्री में गणपति की मूर्तियां बनाते कारीगर[/caption] जितेंद्र बताते हैं कि इस वर्ष लेबर कॉस्ट मूर्ति विक्रेताओं के सामने एक और बड़ी चुनौती के रूप में सामने आया है. कोविड काल में कारीगर काम छोड़ कर चले गए थे, तो इस साल कारीगरों को काम पर बुलाना भी मुश्किल रहा. इस साल लेबर कॉस्ट प्रति व्यक्ति 500 से 700 तक पहुंच गया.

     मूर्तियों की क़ीमत तब और अब

पिछले साल तक बप्पा की एक फ़ीट की मूर्ति की क़ीमत 250 से  300 रुपये हुआ करती थी, जो इस वर्ष 400 से 500 रुपये तक पहुंच गयी है. डेढ़ फ़ीट की मूर्तियों की क़ीमतें 500 से बढ़कर 700 से 900 तक पहुंच गयी हैं. बप्पा की 2 फ़ीट की जो मूर्तियां पिचले वर्ष 1000 से 1200 में बिकती थी, वह इस वर्ष जीएसटी का भार ढोती हुई 1500 रुपये में उपलब्ध हो रही है. यह भी पढ़ें: धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-ghulam-nabi-enjoyed-a-lot-of-power-left-the-party-if-he-did-not-get-any-post-brajendra/">धनबाद

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