Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

धनबाद:  डॉक्टरी पढ़ाने वाले ‘गुरुजी’ सावधान !

 विशेष संवाददाता Dhanbad : धनबाद (Dhanbad)  धनबाद सहित झारखंड के सभी पांच मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा विज्ञान पढ़ाने वाले गुरुजी ( डॉक्टरों ) को  अब सरकार को बताना होगा कि उन्होंने कितना पढ़ाया और मरीजों को देखा. इस संबंध में राज्य सरकार ने सभी पांच मेडिकल कालेजों के प्राचार्य को फरमान जारी कर दिया है. जानकारी के मुताबिक  राज्य के स्वास्थ्य विभाग के  एडिशनल चीफ सेक्रेटरी अरुण कुमार सिंह ने 10 अप्रैल को धनबाद के एसएनएमसीएच सहित सूबे के सभी मेडिकल कालेजों के प्राचार्यों को पत्र भेजा है. पत्र में कहा गया है कि कॉलेजों में पढाने वाले शिक्षक के लिए  मासिक ड्यूटी कैलेंडर तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर उसका कार्यान्वयन सुनिश्चित करें.  इसे अपने-अपने कॉलेजों के वेबसाइट पर भी अपलोड करें. पत्र में कहा गया है कि शिक्षक अपना तय क्लास तो लें ही, समय पर कैलेंडर ( रोस्टर ) के मुताबिक मरीजों को भी देखें. एमजीएमएमसीएच (जमशेदपुर), एसकेएमसीएच, (दुमका), एसबीएमसीएच (हजारीबाग), एमएमसीएच (पलामू) और एसएनएमएमसीएच (धनबाद) के प्राचार्यों को भेजे पत्र में श्री सिंह ने कहा है कि समीक्षा के दौरान पाया गया है कि राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के विभिन्न संकायों में उचित मंथली कैलेंडर के अभाव में शिक्षक सरकारी गाइडलाइन्स के मुताबिक अपनी ड्यूटी नहीं करते हैं. इससे शैक्षिक गतिविधियों पर असर  पड़ता है. श्री सिंह ने सूबे के सभी पांच मेडिकल कालेजों के प्राचार्यों को निदेश दिया है कि मंथली कैलेंडर के पालन से संबंधित रिपोर्ट, जिसमें यह भी उल्लेख रहे कि शिक्षक ने कितने वर्ग लिए और कितने पेशेंट को देखा, की रिपोर्ट प्रत्येक माह की 10 तारीख तक राज्य के चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के निदेशक को भेजना सुनिश्चित करें. यदि कोई शिक्षक  ड्यूटी मिस करता है तो प्राचार्य को उसका कारण बताना होगा. सरकार के इस आदेश पर धनबाद के कई वरीय चिकित्सकों ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि कॉलेजों के संकायाध्यक्ष अपना मासिक रोस्टर प्राचार्य को तो  भेज ही देते हैं. यदि कोई ऐसा नहीं करता है तो उनकी अनुपस्थिति दर्ज हो ही जाती है. इसलिए विभाग से इस प्रकार के निदेश की अपेक्षा नहीं थी. वरीय प्राध्यापकों का मानना था कि राज्य के सभी पांच मेडिकल कालेजों में शिक्षकों की घोर कमी है. कई कॉलेजों में कुछ विभाग तक बंद हैं. शिक्षकों की कमी के कारण बांड पर काम कर रहे स्नातकोत्तर छात्र मेडिकल कालेजों में क्लास ले रहे हैं . ऐसे माहौल में मासिक  कैलेंडर की मांग से चिकित्सकों की टीम भावना आहत होगी. [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही