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धनबाद:  सिंदरी में हस्तशिल्प प्रदर्शनी शुरू, देश के नामी कलाकारों ने पेश की कलाकृति

 
Sindri : सिंदरी (Sindri) हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय के हस्तशिल्प सहायक निदेशक भुवन भास्कर के नेतृत्व में विद्यापति परिषद में दो दिवसीय शिल्प प्रदर्शनी शुक्रवार 24 मार्च को शुरू हुआ. डीएवी स्कूल के प्राचार्य आशुतोष कुमार व बच्चों ने विशेष रूप से भाग लिया. प्रदर्शनी दो दिनों तक रात 8 बजे तक जारी रहेगी. इस अवसर पर एमएसएमई सहायक निदेशक दीपक कुमार ने बताया कि हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की कई योजनाएं चल रही हैं. बैंकों से लोन की सुविधा दी जा रही है और विभाग भी सहायता कर रहा है. बांस शिल्पकला, डोकरा शिल्प, शोलापीठ, काथा कशीदाकारी, फिश स्केल, जूट शिल्प, जादोपटिया चित्रकारी, मधुबनी चित्रकला, कलात्मक वस्त्र निर्माण व सोहराय चित्रकला की प्रदर्शनी लगाई गई है, जिसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों के कलाकारों ने अपनी कलाकृति को दर्शाया है. पश्चिम बंगाल बर्दवान के बनकापासी से आए आशीष मालाकार ने बताया कि शोलापीठ शिल्पकला में पूर्वजों के समय से काम करते आ रहे हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर बनाकर प्रदर्शित की थी. पश्चिम बंगाल के बर्दवान से आए नेशनल मेरिट सर्टिफिकेट प्राप्त पुष्पा भगत ने बताया कि फिश स्केल शिल्पकला का काम पिछले 23 वर्षों से करते आ रहे हैं. उन्होंने बताया कि रेहू और कतला मछली के छाल से भगवान बुद्ध व रविन्द्रनाथ टैगोर की तस्वीर सहित कई कलाकृतियों में हाथ आजमा चुके हैं. हजारीबाग के झारग्राम की रेणु कुमारी तीन वर्ष से झारक्राफ्ट शिल्पकला का प्रदर्शन कर रही हैं. बांस से बनी चीजों में कारीगरी कर रही हैं. पश्चिम बंगाल के बोलपुर शांतिनिकेतन के गोरंगो दास जूट शिल्प कला में पारंगत हैं. 7 वर्षों से विभिन्न डिजाइन व हस्तशिल्प का  उपयोग कर स्वामी विवेकानंद व रामकृष्ण परमहंस की मूर्ति बना चुके हैं. प्रदर्शनी में एमएसएमई इन्वेस्टीगेटर सुजीत कुमार, नेहरू युवा केंद्र की डिस्ट्रिक्ट यूथ आफिसर रवि कुमार, वस्त्र मंत्रालय ट्रेनिंग आफिसर विकास कुमार व रवि कुमार सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद थे. [wpse_comments_template]
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