Dhanbad : जिले के एसएनएमएमसीएच में आउटसोर्सिंग पर माइक्रोबायोलॉजी विभाग में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों को कार्य मुक्त किए जाने के विरोध में 24 मार्च को एसएनएमएमसीएच के प्राचार्य कार्यालय के समक्ष धरना पर बैठ गए और जिला प्रशासन एवं सरकार के खिलाफ जम कर नारेबाजी की. नारेबाजी करते हुए दीपक कुमार ने कहा कि पांच माह से मानदेय भुगतान नहीं हुआ है. कहा कि पांच माह से मानदेय भुगतान नहीं हुआ है. दो साल से काम कर रहे हैं. अब अचानक बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है, जबकि कई कर्मचारी काम करने के दौरान संक्रमित हुए हैं. बावजूद हम काम करते रहे. सरकार की ओर से कहा जा रहा था कि कोरोना वारियर्स को सम्मान देंगे, लेकिन सरकार हमलोगों को ही बाहर कर रही है. कोरोना काल में जान जोखिम में डाल कर मरीजों की सेवा की है. कहा कि कार्यमुक्त नहीं कराया जाए और पुनः बहाल किया जाए. माइक्रोलैब के प्रभारी सुजीत कुमार तिवारी ने बताया कि आउटसोर्सिंग में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों की सेवा दो भागों में समाप्त की जा रही है. एसएनएमएमसीएच में माइक्रोलैब विभाग में आउटसोर्सिंग पर 36 स्वास्थ्यकर्मी काम कर रहे हैं जिनमें पहली बार 25 मार्च को 12 से 14 स्वास्थ्यकर्मियों की सेवा समाप्त हो जाएगी, वहीं शेष स्वास्थ्य कर्मियों की सेवा 31 मार्च को समाप्त होगी. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-sahiya-sat-on-dharna-outside-cs-office-demanding-payment-of-outstanding-honorarium/">धनबाद
: बकाया मानदेय भुगतान की मांग पर सीएस कार्यालय के बाहर धरना पर बैठीं सहिया [wpse_comments_template]
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