Dhanbad/ Nirsa : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में भजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य की महागठबंधन सरकार में शामिल दल अंदरुनी कलह से जूझ रहे हैं. साझेदारों की आपसी खींचतान से राज्य का विकास थम गया है. इससे लोगों का ध्यान भटकाने के लिए सरकार के अगुआ 1932 का खतियान आधारित स्थानीय नीति के विवाद को हवा दे रहे हैं. बाबूलाल मरांडी शनिवार, 9 अप्रैल को धनबाद के परिसदन में मीडिया से बात कर रहे थे. दावा किया कि आसनसोल उपचुनाव भाजपा की जीत पक्की है. सिने अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा को करारी हार का सामना करना पड़ेगा. बंगाल की जनता उन्हें कतई स्वीकार नहीं करेगी . मरांडी आसनसोल लोकसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार के बाद रांची लौटने के क्रम में कुछ देर के लिए धनबाद में रुके थे. इससे पहले निरसा में भाजपा के बापी चक्रवर्ती के आवास पर भी प्रेस से बात की. कहा कि झारखंड गठन के बाद वह प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने थे. सरकार बनते स्थानीयता के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई. इसमें बिहार में 1982 की स्थानीय व नियोजन नीति के आधार पर झारखंड में भी नियोजन बनाने पर सभी ने सहमति दी थी. लेकिन सरकार गिर गई और मामला ठंडे बस्ते में चला गया. बाद में अर्जुन मुंडा और रघुवर दास की सरकारों ने इसी को आधार बना कर स्थानीय व नियोजन नीति लाई, जिसे हेमंत सोरेन सरकार ने राजनीतिक फायदे के लिए खारिज कर दिया. दरअसल, यह सरकार स्थानीय व नियोजन नीति के नाम पर राज्य के लोगों को आपस में लड़ाना चाहती है. भाषा के आधार पर लोगों को बांटने का काम किया है. भाजपा इसे सफल नहीं होने देगी.
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कोयलांचल के विकास की जगह सिर्फ खनीज का दोहन
एक सवाल के जवाब में मरांडी ने कहा कि हेमंत सरकार कोयलांचल की खनिज संपदा का अंधाधुंध दोहन करवा रही है. क्षेत्र के विकास पर सरकार का तनिक भी ध्यान नहीं है. सरकार के मंत्री, गठबंधन दलों के नेता व कार्यकर्ता जनता की जगह खुद का विकास करने में लगे हैं. राज्य की कानून व्यवस्था सबसे खराब दौर से गुजर रही है.शराब दुकान खोलने पर सरकार का ज्यादा ध्यान
झामुमो के बागी विधायक लोबिन हेंब्रम ने हाल ही में कहा था कि गुरुजी ने शराबबंदी के लिए लड़ाई लड़ी थी, इसलिए बिहार की तर्ज पर झारखंड में भी शराबबंदी लागू हो. इस पर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हमलोग भी शराबबंदी के पक्ष में हैं, लेकिन हेमंत सोरेन सरकार राज्य में 750 के स्थान पर 1500 दुकानें शराब की खुलवा रही है. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=285633&action=edit">यहभी पढ़ें : धनबाद में 12 से 4 तक घर से निकलना मना है [wpse_comments_template]
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