फहीम खान का बयान दर्ज नहीं हो सका
रेलवे ठेकेदार इरफान खान की हत्या के मामले में आरोपी इकबाल खान, सोनू उर्फ नसीम, मंसूर खान, शाहिद कमर एवं सोना कुरैशी का सफाई बयान दर्ज किया गया. सुनवाई के दौरान इकबाल खान को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में धनबाद जेल से कोर्ट में पेश किया गया. जबकि सोनू, नसीम, मंसूर ,शाहिद अदालत में हाजिर थे. तकनीकी वजह से फहीम खान का बयान शुक्रवार को एक बार फिर दर्ज नहीं किया जा सका. फहीम फिलवक्त रांची के होटवार जेल में बंद हैं. दो माह पूर्व उसे जमशेदपुर के घाघीडीह जेल से होटवार जेल में शिफ्ट किया गया था. फहीम के अधिवक्ता शाहबाज सलाम ने बताया कि तकनीकी वजहों से फहीम खान का बयान दर्ज नहीं किया जा सका है. अदालत ने फहीम का बयान दर्ज करने के लिए शुक्रवार को सुनवाई मुल्तवी की है.2011 में हुई थी रेलवे ठेकेदार इरफान की हत्या
11 मई 2011 को दिन के 12 बजे डीआरएम ऑफिस धनबाद में इरफान कहां टेंडर डालने आया था. जहां सरेआम गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई थी. इरफान के पुत्र अमीर खान के फर्द बयान पर फहीम, मंसूर, इकबाल समेत अन्य के विरूद्ध प्राथमिकी धनबाद थाना कांड संख्या 354/11 में दर्ज की गई थी. 31 जनवरी 2015 को अनुसंधानक योगेन्द्र सिंह ने उपरोक्त लोगों के विरुद्ध निचली अदालत में आरोप पत्र दायर किया था. आरोप पत्र में पुलिस ने दावा किया था कि जेल में बंद फहीम खान रेलवे के टेंडर को मैनेज करता था. इरफान उसकी बात नहीं मानता था. जमीन कारोबार में भी इरफान से फहीम व उसके गुर्गों ने रंगदारी की मांग की थी. नहीं देने पर बुरा परिणाम भुगतने की धमकी दी थी. वर्ष 2011 में रेलवे से इरफान को 24 लाख रुपये का टेंडर मिला था. फहीम तथा उसके गुर्गों ने 5 प्रतिशत कमीशन की मांग की थी. जिसे इरफान ने देने से इन्कार कर दिया था. इसी कारण उसकी हत्या कर दी गई. पुलिस ने फहीम व उसके भाई नसीम को षड्यंत्रकारी बताते हुए अनुसंधान के बाद इकबाल खान, फहीम के भाई नसीम ऊर्फ सानो खान, मंसूर खान, शाहिद कमर एवं सोना कुरैशी के विरुद्ध आरोप पत्र दायर किया था. यह भी पढ़ें : डेको">https://lagatar.in/dhanbad-raid-on-the-premises-of-5-businessmen-including-deco-company-office/">डेकोकंपनी कार्यालय समेत 5 व्यवसायियों के ठिकानों पर छापा [wpse_comments_template]

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